फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मणिकर्णिका पर मुसीबत : पांच दिन बाद बोले मंत्री और विधायक- AI से बनाया वीडियो; कंपन से खुद ही टूट गई मूर्ति

Sat, 17 Jan 2026 11:34 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: महाश्मशान मणिकर्णिका पर अहिल्याबाई की मूर्ति को लेकर उपजे विवाद में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि मूर्ति हटाकर काम करते तो इतनी दिक्कत नहीं होती। वहीं, कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा कि धार्मिक नेताओं से सलाह के बाद कोई कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
1 of 10
इसी मंदिर को टूटा हुआ दिखाया गया था। - फोटो : अमर उजाला
पांच दिन पहले महाश्मशान मणिकर्णिका पर मढ़ी तोड़ने के वायरल हुए वीडियो के बाद शुक्रवार को काशी में मंत्री, मेयर, विधायक से लेकर डीएम-कमिश्नर ने अपनी सफाई दी है। उनका कहना है कि मढ़ी तोड़ने का वायरल वीडियो एआई से बना है। कोई भी मूर्ति क्षतिग्रस्त नहीं है। सिर्फ कलाकृतियों को ड्रिलिंग के दौरान हुए कंपन से नुकसान पहुंचा है। मूर्तियां संरक्षित करके रखी गई हैं। जिन्हें निर्माण पूरा होने पर फिर से स्थापित किया जाएगा। 

विज्ञापन

2 of 10
मणिकर्णिका घाट पर पहुंचे भाजपा नेता। - फोटो : अमर उजाला
इस पर नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, नमो घाट, अस्सी घाट सहित अनेक विकास कार्यों के माध्यम से काशी की भव्यता और दिव्यता को नई दिशा मिली। इसी शृंखला में मणिकर्णिका घाट पर पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया गया है। 
विज्ञापन

3 of 10
मणिकर्णिका घाट। - फोटो : अमर उजाला
राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने प्रेस कांफ्रेंस की और कहा कि ड्रिलिंग से पहले मूर्ति हटाते फिर तोड़ते तो दिक्कत नहीं होती। वे बोले, एआई का इस्तेमाल कर विपक्ष के लोग गुमराह करने में उस्ताद हैं। विश्वनाथ मंदिर के दर्शनार्थी शवों के जलने से होने वाले धुएं से परेशान हैं। जिस प्रकार विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा था, तब भी ये लोग फर्जी टूटी-फूटी मूर्तियां लाए थे। 

4 of 10
मशीनों से काशी का मणिकर्णिका घाट तोड़ा गया। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
शुक्रवार को मेयर अशोक तिवारी और शहर दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी मणिकर्णिका घाट पहुंचे। उनके साथ नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल भी मौजूद थे। नीलकंठ तिवारी ने कहा कि घाट किनारे जितने भी मढ़ी हैं, उनमें मूर्तियां हैं, लेकिन उनकी प्राण प्रतिष्ठा नहीं हुई है। घाट किनारे जिस टूटे हुए मढ़ी और कलाकृति का वीडियो वायरल हो रहा है, उसे किसी ने तोड़ा नहीं है। दोनों घाट किनारे चल रही ड्रिलिंग से हुई कंपन से स्वतः क्षतिग्रस्त हुए हैं। 
विज्ञापन

5 of 10
मणिकर्णिका पर ध्वस्तीकरण का वायरल हुआ था वीडियो। - फोटो : वीडियो ग्रैब
मेयर अशोक तिवारी के मुताबिक विपक्ष को यदि कोई कमी दिख रही है तो व्यक्तिगत बताएं, हम सुनने को तैयार हैं। जिस दिन जीर्णोद्धार पूरा हुआ, उसी दिन सबसे पहले मूर्ति की स्थापना कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि घाट का काम गुजरात की नहीं, कोलकाता की कंपनी रूपा फाउंडेशन कर रही है।
विज्ञापन

6 of 10
मणिकर्णिका तीर्थ पर विमर्श करते भाजपा नेता और स्थानीय लोग। - फोटो : अमर उजाला
वहीं, मणिकर्णिका घाट तीर्थ न्यास के अध्यक्ष गौरव द्विवेदी ने कहा कि तीर्थ की मर्यादा को बरकरार रखा जाए। इंदौर से भी श्मशान हटाने को कहा गया है। इसे आबादी से दूर किया जाए। मणिकर्णिका पर स्थित श्मशान को विस्थापित कर आदिकेशव घाट पर किया जाए।
विज्ञापन

7 of 10
महाश्मशान मणिकर्णिका का प्रस्तावित माॅडल। - फोटो : अमर उजाला
पुराने घाट की सीढ़ियों, कच्चे हिस्से पर सुंदरीकरण कार्य किया जा रहा है। घाट पर स्थित सभी मंदिरों को पूर्ण रूप से संरक्षित किया जाएगा। पुनर्निर्माण क्षेत्र में एक मढ़ी और दीवारों पर स्थित कुछ कलाकृतियां भी थी। जो कार्य के दौरान प्रभावित हुई हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक एवं निराधार दावे प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। - सत्येंद्र कुमार, डीएम

8 of 10
सुंदरीकरण के बाद ऐसा होगा महाश्मशान मणिकर्णिका। - फोटो : अमर उजाला
परिषद से शास्त्रीय निरीक्षण के लिए परामर्श लिया जाए : श्री काशी विद्वत परिषद् ने जिला प्रशासन के साथ शुक्रवार को ऑनलाइन मीटिंग की। परिषद ने कहा कि जरूरत पड़े तो काशी के धरोहरों पर किसी योजना के क्रियान्वयन से पहले परिषद से शास्त्रीय निरीक्षण के लिए परामर्श लिया जाए। 

मणिकर्णिका तीर्थ है जबकि जलासेन घाट है : संत समिति के महासचिव जितेंद्रानंद ने कहा कि संतों ने विषद विवेचना करके यह निर्णय लिया कि मणिकर्णिका घाट पर ये घटना नहीं हुई है। ये जहां चिता जलती है वो जलासेन घाट है। तीर्थ का जीर्णोद्धार शास्त्र विधि से कराया जाए।

मणिकर्णिका घाट पर चल रहा काम तुरंत रोका जाए : कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि भाजपा सरकार वाराणसी की विरासत को खत्म कर रही है। घाट पर चल रहा काम तुरंत रोका जाए। वहां के धार्मिक नेताओं से सलाह के बाद ही आगे कोई कार्रवाई की जाए।

9 of 10
मणिकर्णिका घाट पर चल रहा निर्माण कार्य। - फोटो : अमर उजाला
क्या है मणिकर्णिका की जीर्णोद्धार परियोजना
सात जुलाई 2023 को पीएम मोदी ने परियोजना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना पर 17.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह कार्य कोलकाता की कंपनी रूपा फाउंडेशन की ओर से कराया जा रहा है। जीर्णोद्धार के बाद इस घाट की छत पर वीआईपी के बैठने की व्यवस्था होगी। दिव्यांगों के लिए रैंप बनाया जाएगा। अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी खरीदने हेतु वुड प्लाजा का निर्माण कराया जाएगा।
विज्ञापन

10 of 10
मणिकर्णिका घाट पर चल रहा निर्माण कार्य। - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ के उच्चतम स्तर को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। चक्र पुष्करणी कुंड, रत्नेश्वर महादेव मंदिर, तारकेश्वर मंदिर और दत्तात्रेय पादुका जैसे विरासत स्थलों का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। 32 शवदाह प्लेटफार्म, प्रदूषण रहित चिमनी सिस्टम, दो सामुदायिक शौचालय, हरित क्षेत्र, प्रतीक्षा कक्ष और शव पंजीकरण कक्ष भी बनाए जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें