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Makar Sankranti: भक्काटे...आसमान में उड़ी 50 करोड़ की पतंगें, ऑपरेशन सिंदूर का बोलबाला; घाटों पर आस्था

Fri, 16 Jan 2026 05:50 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Makar Sankranti: मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा घाट से लेकर काशी की सड़कों पर युवाओं और बच्चों के साथ लड़कियों ने भी पतंगबाजी की। कन्ना छेदा और पेंच भी लड़ाए गए। पतंग कटने पर भक्काटे की आवाज से आसमान गूंज रहा था।
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नमो घाट पर बच्चों और युवाओं ने उड़ाए पतंग। - फोटो : अमर उजाला
काशी में मकर संक्रांति का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। इस वर्ष पतंग बाजार ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, बीते एक सप्ताह के भीतर जिले में पतंग, मांझा, परेता और पतंगबाजी से जुड़ीं सामग्रियों का कुल कारोबार 50 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। आलम यह रहा कि संक्रांति की पूर्व संध्या से लेकर बृहस्पतिवार सुबह तक दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही।
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दंपती ने बाज वाली उड़ाई पतंग। - फोटो : अमर उजाला
शहर के प्रमुख पतंग बाजारों, औरंगाबाद, दालमंडी, मैदागिन, महमूरगंज समेत कई जगहों पर खरीदारी का जबरदस्त माहौल रहा। कारोबारी असलम खान ने बताया कि इस बार चीनी मांझा बैन होने के कारण लोगों में देसी मांझे के प्रति खास रुझान दिखा। कई सामाजिक संगठनों ने भी बड़े पैमाने पर देसी मांझे और पतंगों की खरीदारी की। 
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युवाओं के साथ बच्चों ने भी उड़ाई पतंग। - फोटो : अमर उजाला
पतंग व्यापारी रमेश कुमार ने बताया कि इस साल के पतंग उत्सव में ऑपरेशन सिंदूर थीम वाली पतंगों ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके साथ ही, राजनीतिक माहौल का असर भी आसमान में साफ दिखाई दिया। कई पतंगबाज अपने पसंदीदा नेताओं की तस्वीरों वाली पतंगों के साथ पेंच लड़ाते नजर आए। तिरंगे के रंगों वाली और देशभक्ति के नारों वाली पतंगों से पूरा आसमान सतरंगी हो उठा।

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पतंगों से गुलजार रहे आसमान। - फोटो : अमर उजाला
घाटों पर आस्था का जनसैलाब, पतंगों से सजा आसमान
मकर संक्रांति पर काशी में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बृहस्पतिवार तड़के से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। करीब चार लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और काशी विश्वनाथ सहित विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
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कन्ना छेदा...उड़ाई पतंग। - फोटो : अमर उजाला
ब्रह्म मुहूर्त से ही दशाश्वमेध, अस्सी, पंचगंगा, मणिकर्णिका, केदारघाट और राजघाट समेत प्रमुख घाटों पर भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने तिल, गुड़, खिचड़ी और वस्त्रों का दान किया। महिलाओं ने घरों में 14 वस्तुओं का दान कर खिचड़ी का भोग बनाया और गंगा स्नान के बाद सूर्यदेव को जल में काले तिल मिलाकर अर्घ्य अर्पित किया। घाटों और मंदिर परिसरों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से भीड़ पर नजर रखी गई। एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें गंगा में मुस्तैद रहीं।
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रंग-बिरंगी पतंगों से सजा आसमान। - फोटो : अमर उजाला
गौरी केदार में रंग-बिरंगी पतंगों से सजा दरबार
सोनारपुरा स्थित गौरी केदारेश्वर मंदिर में रंग-बिरंगी पतंगों और गुब्बारों से भव्य शृंगार किया गया। गाजर का हलवा, चूड़ा-मटर, खीर समेत 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं की लंबी कतारें सुबह से लगी रहीं और सभी को विशेष खिचड़ी प्रसाद वितरित किया गया।
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मकर संक्रांति पर लड़कियों ने की पतंगबाजी। - फोटो : अमर उजाला
गलियों से सड़कों तक गूंजा भक्काटे...
मकर संक्रांति पर पतंगबाजी की परंपरा भी पूरे जोश के साथ निभाई गई। छतों, घाटों और गंगा किनारे मैदानों में पतंग उड़ाते लोग नजर आए। युवाओं ने डीजे की धुन पर नाचते-गाते समूह में पतंगबाजी की और जमकर रील व फोटोबाजी की। इस बार आसमान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’, योगी, मोदी और टॉम एंड जेरी थीम वाली पतंगें खास आकर्षण का केंद्र रहीं।

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