कन्ना छेदा...उड़ाई पतंग।
- फोटो : अमर उजाला
ब्रह्म मुहूर्त से ही दशाश्वमेध, अस्सी, पंचगंगा, मणिकर्णिका, केदारघाट और राजघाट समेत प्रमुख घाटों पर भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने तिल, गुड़, खिचड़ी और वस्त्रों का दान किया। महिलाओं ने घरों में 14 वस्तुओं का दान कर खिचड़ी का भोग बनाया और गंगा स्नान के बाद सूर्यदेव को जल में काले तिल मिलाकर अर्घ्य अर्पित किया। घाटों और मंदिर परिसरों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से भीड़ पर नजर रखी गई। एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें गंगा में मुस्तैद रहीं।