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तस्वीरों की नजर से देखिए श्रीलंका के पीएम का स्वधर्म अनुराग और हिंदू धर्म में अटूट आस्था

Sun, 09 Feb 2020 06:10 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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मूलगंध में पूजा करते हुए श्रीलंकाई प्रधानमंत्री - फोटो : amar ujala

श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंद्रा राजपक्षे रविवार को जब विश्व की सबसे प्राचीन धार्मिक नगरी काशी पहुंचे, तो उन्होंने काशी के कण-कण में समाए पुराधिपति भोलेनाथ की नगरी का धार्मिक महत्व समझा। और बखूबी स्वधर्म यानी बौद्ध धर्म के प्रति अनुराग प्रकट किया, तो काशी विश्वनाथ और बाबा कालभैरव के दर्शन-पूजन कर हिंदू धर्म के प्रति अटूट आस्था प्रकट की।

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मूलगंध में पूजा करते हुए श्रीलंकाई प्रधानमंत्री - फोटो : amar ujala

यहां काशी की परंपरा के अनुसार उनका जोरदार स्वागत किया गया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में षोडषोपचार विधि से पूजा अर्चना की। मंदिर प्रशासन की ओर से उनको अंगवस्त्रम, प्रसाद, रुद्राक्ष की माला और बाबा की फोटो प्रदान की।

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श्रीलंकाई प्रधानमंत्री को स्मृति चिन्ह देते धर्मगुरू - फोटो : amar ujala
पैकेट बंद बाबा का भस्म भी दिया गया। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने विश्वनाथ कॉरिडोर के बारे में जानकारी दी। यहां से श्रीलंकाई पीएम काल भैरव के लिए रवाना हो गए जहां बाबा का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया।

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स्तूप की परिक्रमा करते श्रीलंकाई प्रधानमंत्री - फोटो : Amar Ujala
सारनाथ स्थित म्यूजियम में भारत के अतीत के गौरव को देखा। इसके बाद पुरातात्विक खंडहर परिसर का अवलोकन करते हुए धमेख स्तूप की परिक्रमा की और विश्व शांति के लिए पूजा-पाठ किया। तत्पश्चात मूलगंज कुटी बिहार के धर्मपाल सभागार में धर्मपाल द्वारा रचित किताबों का अवलोकन किया।
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बौद्ध वृक्ष की पूजा करते श्रीलंकाई प्रधानमंत्री - फोटो : Amar Ujala
बौद्ध मंदिर में महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव पी शिब्ली थेरो ने खाता भेंटकर उनका स्वागत किया। तत्पश्चात भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष को सिर पर रखकर आशीर्वाद दिया।
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मूलगंध में दर्शन के बाद बाहर निकलते श्रीलंकाई प्रधानमंत्री - फोटो : amar ujala
इसके बाद बोधि वृक्ष की परिक्रमा कर विश्व शांति के लिए दीप जलाए। इसके बाद इंडो-श्रीलंका जम्मू द्वीप मंदिर पहुंचे। जहां सुमेथ थेरो ने उनका स्वागत किया। सरकार की ओर से श्रीलंका के प्रधानमंत्री का स्वागत स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल और राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी ने किया। यहां से श्रीलंका के प्रधानमंत्री ताज होटल रवाना हो गए जहां रात्रि विश्राम करेंगे सोमवार की सुबह नई दिल्ली रवाना हो जाएंगे।
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