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लोलार्क कुंड: 36 घंटे के इंतजार के बाद दो मिनट में लगाई तीन डुबकी, चार लाख से अधिक भक्त पहुंचे काशी; तस्वीरें

Sat, 30 Aug 2025 06:00 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी के भदैनी स्थित लोलार्क कुंड में षष्ठी के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। संतान प्राप्ति की कामना कर अपने वस्त्र वहीं त्याग दिए। इसके बाद एक उम्मीद के साथ अपने घर की ओर चल दिए।
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लोलार्क कुंड में परंपरानुसार बच्चों को स्नान करातीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
36 घंटे के लंबे इंतजार के बाद श्रद्धालुओं ने मनोकामना की पूर्ति के लिए लोलार्क कुंड में तीन डुबकी लगाकर दो मिनट में अनुष्ठान पूरे किए। 24 घंटे से बिना थके श्रद्धालु लाइन में लगे हुए थे। देर रात तक चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कामना की डुबकी लगा ली थी। श्रद्धालुओं की पांच किलोमीटर लंबी कतार रात 12 बजे तक लगी रही।
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लोलार्क कुंड में लगाई उम्मीदों की डुबकी। - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को अस्सी से भदैनी के बीच श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। आलम यह था कि लोलार्क कुंड की तरफ जाने वाली आठों गलियां श्रद्धालुओं से अटी पड़ी थीं। बीती रात से ही लोलार्क कुंड में स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था। उदया तिथि की मान्यता के अनुसार सूर्योदय के बाद लोलार्क कुंड पर डुबकी लगाने वालों का रेला सा उमड़ पड़ा। 
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डुबकी लगाते दंपती। - फोटो : अमर उजाला
कुंड से लेकर एक तरफ की कतार मदनपुरा के आगे जंगमबाड़ी तो दूसरी ओर की कतार अस्सी चौराहे से आगे तक निकल चुकी थी। एक दूसरे का हाथ थामे हुए दंपती कुंड की सीढि़यों से उतरते हुए मन में अपनी कामना को लेकर डुबकी लगाने के लिए एक-एक करके कुंड में उतरते रहे।

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श्रद्धालुओं को जल पिलाते समाजसेवी। - फोटो : अमर उजाला
महज दो मिनट में कुंड में डुबकी लगाकर वस्त्र, अन्न और आभूषण का त्याग करके दूसरे रास्ते से दंपती बाहर गलियों से निकलते रहे। दोपहर दो बजे तक श्रद्धालुओं का आंकड़ा दो लाख को पार कर गया था लेकिन कतार कम होने का नाम ही नहीं ले रही थी, जितने लोग स्नान करके निकल रहे थे उससे अधिक लोग कतार में आकर लग रहे थे। पूरा कुंड सब्जी, फल और कपड़ों से भर गया था।
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बच्चों के साथ महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम के कर्मचारी दूसरी तरफ कुंड से फल, सब्जियां और कपड़ों का ढेर हटाने में लगे थे। वहीं, स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पानी, बिस्किट और चाय का भी इंतजाम किया गया था। शाम ढलने के बाद भी श्रद्धालुओं की कतार शिवाला के आगे तक लगी हुई थी। मध्य रात्रि तक लोलार्क कुंड में श्रद्धालु दंपती मनौती की डुबकी लगाते रहे।
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प्रसाद बनातीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
कोई मनौती पूरी होने पर तो कोई चार से लगातार आ रहा स्नान के लिए
लोलार्क कुंड पर मनौती का स्नान करने वालों की आस्था का आलम यह था कि 30-30 घंटे तक कतार में लगने के बाद भी चेहरे पर थकान का नाम नहीं था। कोई मनौती पूरी होने पर बच्चों के साथ स्नान व बाल अर्पित करने पहुंचा था तो कोई दंपती लगातार चार साल से स्नान के लिए आ रहे हैं। पांच किलोमीटर की लंबी कतार में हर दंपती की अपनी कहानी थी।
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लोलार्क कुंड में जाने के लिए लगी श्रद्धालुओं की लाइन। - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालुओं ने दिखाई आस्था
लखनऊ की डिंपल सिंह पति के साथ एक बजे रात से ही लाइन में लग गई थीं। उनकी शादी को आठ वर्ष हो चुके हैं। वे अपने पति के साथ चाैथी बार स्नान करने आई थीं। उन्होंने बताया कि संतान प्राप्ति के लिए हम यहां आए हैं। 

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चप्पल की खेप को ले जाते सफाईकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर के नवीन कुमार ने बताया के ललही छठ के बारे में काफी सुना है। वे अपनी पत्नी के साथ दूसरी बार यहां आए हैं। पिछली बार की अपेक्षा इस बार वे जल्दी कुंड के पास पहुंच गए हैं। स्नेहा निगम बदलापुर (जाैनपुर) से अपने पति मनोज के साथ पहली बार स्नान के लिए आईं। तीन बजे भोर से दोनों लोग खड़े थे। घरवालों का आशीर्वाद लेकर वे यहां स्नान करने आए हैं।

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बच्चों का हुआ मुंडन संस्कार। - फोटो : अमर उजाला
मुंबई में काम करने वाले गाैरव सिंह मूलत: आजमगढ़ के हैं। माता-पिता और पत्नी के कहने पर वे लोलार्क कुंड में स्नान करने पहुंचे। उन्हें विश्वास है कि यहां स्नान के बाद उनकी इच्छा जरूर पूरी होगी।
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लोलार्क कुंड में स्नान का दृश्य। - फोटो : अमर उजाला
मन्नत पूरी होने के बाद चुनार की रहने वाली पूनम कुमारी अपनी छह साल की बिटिया साक्षी और तीन साल के बेटे शिवम के साथ स्नान के लिए पहुंची। उन्होंने बताया कि दोनों बच्चों की मनौती के बाद वह लोलार्क कुंड में बच्चों के साथ डुबकी लगाने और बाल अर्पित करने के लिए आई हैं। जौनपुर की रहने वाली मंजू देवी ने बताया कि उनकी बहू को पांच साल से कोई संतान नहीं हो रही थी। 35 घंटे कतार में लगने के बाद स्नान करने को मिला है। बाबा हमारी मन्नत जरूर पूरी करेंगे।

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