सांकेतिक तस्वीर।
गौरतलब है कि एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार कमांडरों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आतंक फैलाने की साजिश सालभर पहले रची गई थी। इसमें भीड़ पर बड़े पैमाने पर हमले की योजना थी। इसे सीएए और एनआरसी के हिंसक आंदोलन को असफल होने के बाद अंजाम देना था। हालांकि पीएफआई के कई नेताओं की गिरफ्तारी और कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के चलते साजिश को इस साल फरवरी के अंत में अंजाम देना था। आगे की स्लाइड में जानें, कब -कब दहला बनारस।
एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस हमेशा मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करती है। शीर्ष एजेंसियां सुरक्षा संबंधी जो भी इनपुट देती हैं, उनके आधार पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है।