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विलुप्त हो रही काशी की धरोहर: ऐतिहासिक राजा डोमन देव के किले का अस्तित्व अब समाप्त होने की कगार पर

Fri, 09 Jul 2021 03:35 PM IST
हरि User न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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ऐतिहासिक राजा डोमन देव का किला। - फोटो : अमर उजाला
विश्व की प्राचीनतम नगरी काशी में धरोहरों के संरक्षण की स्थिति बेहद खराब है। चौबेपुर इलाके के चंद्रावती गांव स्थित राजा डोमन देव के किले का अस्तित्व अब समाप्त होने की कगार पर पहुंच चुका है। गंगा की कटान के चलते किले की कुछ जमीन गंगा की गोद में समाहित हो चुकी है तो बाकी बचे किले की जमीन का भी कोई पुरसाहाल नहीं है। पुरातत्व विभाग की लापरवाही के कारण धीरे-धीरे यह प्राचीन धरोहर अब अंतिम दिन गिन रही है। गांव के समाजसेवी राकेश गोंड पप्पू बताते हैं कि पुरातत्व विभाग ने पहले यहां पर अपना बोर्ड लगा रखा था। पहले तो एक कर्मचारी प्रतिदिन देखभाल के लिए आता था। अब वह भी नहीं दिखता। अगली स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...।
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ऐतिहासिक राजा डोमन देव का किला। - फोटो : अमर उजाला
सरकार से ऐतिहासिक धरोहर बचाने की गुहार
गंगा कटान रोकने के लिए सरकार ने पहल जरूर की है लेकिन वह कारगर नहीं है। कटान के भू भाग पर पत्थर के बोल्डरों को तारों से बांधकर रोकने की कवायद हुई है। लेकिन, बारिश व बाढ़ आने से पहले ही पांच फीट जमीन पूरी तरह अलग दिख रही है। ग्रामीणों ने ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए सरकार से गुहार लगाई है।
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ऐतिहासिक राजा डोमन देव का किला। - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों का कहना है कि पुरातत्व विभाग इसे संरक्षित करने की कोशिश नहीं कर रहा है। गंगा के किनारे जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर चंद्रप्रभु की जन्म स्थली के बगल वाले टीले जैसे दिखने वाली जमीन पर राजा डोमन देव का किला है। यहां उस जमाने का कुआं आज भी है। 

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गंगा में समा रहा राजा डोमन देव के किले की जमीन। - फोटो : अमर उजाला
यहां की महत्ता के बारे में बताया जाता है कि राजा डोमन देव की तीन पुत्रियां थीं। जब दूसरे राज्य के राजाओं ने आक्रमण किया तो राजा डोमन देव गंगा की गोद में समाहित हो गए। वहीं उनकी तीनों बेटियों चंद्रावती, शशिप्रभा, शशिकला ने भी कुर्बानी दे दी। किले के अंदर शशिप्रभा का मंदिर भी है। 
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चंद्रावती मंदिर। - फोटो : अमर उजाला
राजकुमारी चंद्रावती के नाम पर पड़ा है गांव का नाम
चंद्रावती का मंदिर भी घाट के रास्ते पर आज भी विराजमान हैं। जहां आसपास के कई गांवों के लोग आकर पूजा पाठ करते हैं। राजा डोमन देव की बेटी चंद्रावती के नाम पर ही गांव का नाम पड़ा। इस किले की 15 बिस्वा जमीन वर्षों पूर्व पट्टे पर दे दी गई।
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