फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hanuman Janmotsav 2025: ये हैं गोस्वामी तुलसीदास के हाथों स्थापित हनुमान मंदिर, इनमें बाल हनुमान लला भी

Sat, 12 Apr 2025 11:31 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Hanuman Janmotsav 2025: काशी में कई हनुमान मंदिर की स्थापना गोस्वामी तुलसीदास के हाथों होना बताया गया है। इनमें संकटमोचन मंदिर, बाल हनुमान मंदिर समेत छह मंदिर हैं।
विज्ञापन
1 of 6
संकटमोचन मंदिर - फोटो : अमर उजाला
संकटमोचन मंदिर शहर के दक्षिणी काशी लंका क्षेत्र में है। हनुमान जी का दिव्य विग्रह है। यह मूर्ति तुलसीदास के तप और पुण्य से प्रकट हुई स्वयंभू मूर्ति है। इसमें हनुमान जी दक्षिण भुजा से भक्तों को अभयदान कर रहे हैं। वाम भुजा उनके हृदय पर स्थित है। हनुमान जी के नेत्रों से भक्तों पर अनवरत कृपा बरसती है। शुरू में यह स्थान मढ़ी के रूप में था।
विज्ञापन

2 of 6
बाल हनुमान - फोटो : अमर उजाला
बाल हनुमान
शहर के उत्तर में हनुमान जी का बाल विग्रह हनुमान फाटक पर स्थित है। तुलसीदास ने इसकी स्थापना की थी। उन्होंने कुछ वर्षों तक यहां रहकर श्रीरामचरित मानस के कुछ कांडों की रचना भी की थी।
विज्ञापन

3 of 6
बालरूप हनुमान  - फोटो : अमर उजाला
बालरूप हनुमान 
तुलसीघाट पर ही बालरूप में हनुमान जी हैं, जो गुफा वाले हनुमान जी के नाम से प्रसिद्ध हैं। दक्षिणामुखी होने से यह अधिक प्रतापी माने गए हैं। मंदिर क्षेत्र में हनुमान जी के और भी विग्रह हैं।

4 of 6
गुफा वाले हनुमानजी  - फोटो : अमर उजाला
गुफा वाले हनुमानजी 
गंगा किनार तुलसीघाट पर तुलसी मंदिर स्थित है। यह गोस्वामी तुलसीदास की साधना स्थली है। गोस्वामी जी की चरण पादुका, नाव और मानस की पांडुलिपियां आदि मौजूद हैं। यह तपोभवन चार सौ साल से अधिक प्राचीन है।
विज्ञापन

5 of 6
कोढ़िया हनुमान - फोटो : अमर उजाला
कोढ़िया हनुमान
कर्णघंटा क्षेत्र में चार सौ साल पूर्व वेदव्यास मठ था। इसी मठ में कुष्ट व्यास या कोढ़िया हनुमान जी की मूर्ति है। माना जाता है कि यहीं पर हनुमान जी कुष्ट रोगी के भेष में कथा श्रवण करने आए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
मनसपूरन व महामृत्युंजय हनुमान - फोटो : अमर उजाला
मनसपूरन व महामृत्युंजय हनुमान
प्रह्लाद घाट पर मनसपूरन या भक्तिदा हनुमान जी पूर्वाभिमुख हैं। यहां दर्शन करने से व्यक्ति की मनोकामना पूर्ण होती है। दारानगर महामृत्युंजय महादेव मंदिर के पास ही महामृत्युंजय हनुमान मंदिर भी है, जो दक्षिणाभिमुख है।



इसे भी पढ़ें; Mirzapur News: जंगल में पुलिस और तस्करों के बीच मुठभेड़, दो बदमाशों के पैर में लगी गोली; गिरफ्तार 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें