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गुरुपूर्णिमा की तस्वीरें: शिवधाम में बरसी गुरु की कृपा, गुरु चरणों में झुके 12 लाख शीश; काशी में उमड़ा हुजूम

Thu, 30 Jul 2026 05:55 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Guru Purnima: गुरु पूर्णिमा पर वाराणसी के मठों, मंदिरों और आश्रमों में करीब 12 लाख श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में शीश नवाया। देश-विदेश से पहुंचे शिष्यों और अनुयायियों ने भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। गुरुओं ने अपने गुरु का पूजन करने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। दिनभर आश्रमों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
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काशी में गुरु पूजा का दृश्य। - फोटो : संवाद
Varanasi News: आषाढ़ पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा पर हर ओर गुरु कृपा की अमृतवर्षा हुई। मठ-मंदिरों, आश्रमों, संगीत घरानों के साथ ही शिक्षण संस्थाओं में गुरु का आशीष लेने देश के कोने-कोने से शिष्य और अनुयायी पहुंचे थे। पूरी काशी लघु भारत सरीखी नजर आ रही थी। सात समुंदर पार से भी लोगों ने यहां आकर गुरु बंदगी की और गुरु का आशीर्वाद पाकर धन्य हुए। शहर से लेकर गांव तक के आश्रम, मठ और मंदिरों में 12 लाख शिष्यों और अनुयायियों ने गुरु का दर्शन पूजन कर आशीर्वाद लिया। अघोरपीठ सर्वेश्वरी समूह पड़ाव, क्रीं-कुंड व संत मत अनुयायी आश्रम गड़वाघाट में जबरदस्त भीड़ रही।

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बटुकों ने जाना गुरु ज्ञान। - फोटो : संवाद
गुरु पूर्णिमा पर बुद्धादित्य सहित पांच राजयोग में बुधवार को सामनेघाट से पड़ाव के बीच पड़ने वाले आश्रमों व मठों में सूरज की पहली किरण के साथ गुरु पूजा के अनुष्ठान शुरू हो गए। पीठाधीश्वरों, महंतों, आचार्यों ने अपने-अपने गुरुओं की प्रतिमा व तैलचित्रों की पूजा की। इसके बाद शिष्यों को दर्शन दिए।
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अपने शिष्यों के साथ मालिनी अवस्थी। - फोटो : संवाद
अघोर पीठ श्रीसर्वेश्वरी समूह आश्रम पड़ाव
अघोर पीठ श्रीसर्वेश्वरी समूह आश्रम पड़ाव में गुरुदेव का दर्शन-पूजन करने के लिए भोर में ही कतार लग गई थी। प्रभातफेरी, सर्वेश्वरी ध्वजारोहण के बाद सफलयोनि सद्ग्रंथ का पाठ हुआ। शिष्यों और सेवादारों ने सुबह साफ-सफाई व श्रमदान किया। इसके बाद अघोरपीठ के पीठाधीश्वर बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम ने अपने गुरुदेव परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु के आसन का विधिवत पूजन किया। इसके बाद शिष्यों और अनुयायियों को 7:30 बजे से दर्शन दिए। 

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बाबा कीनाराम का पूजन करते बाबा सिद्धार्थ गौतम। - फोटो : संवाद
लाखों की तादाद में लोगों ने गुरु का दर्शन-पूजन किया। विभिन्न एवं विदेशों से आए शिष्यों व श्रद्धालुओं की गुरुदेव का दर्शन-पूजन के लिए दोपहर तक कतार लगी रही। औघड़ पीर पर्व के इस महायज्ञ के बाद भंडारा में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। चिकित्सा शिविर में लोगों का निशुल्क उपचार हुआ। शाम को गोष्ठी में गुरु का आशीर्वचन हुआ।
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गुरु की भक्ति के लिए उमड़ा हुजूम। - फोटो : संवाद
बाबा कीनाराम स्थल
बाबा कीनाराम स्थल क्रीं-कुंड में भी अटूट गुरु भक्ति दिखी। यहां भी दोपहर तक लंबी कतार लगी थी। सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम के दर्शन पाने की होड़ मची रही। रवींद्रपुरी मार्ग के दोनों तरफ कतार लगी थी। शिष्य व अनुयायी दर्शन कर कृतार्थ हुए। दर्शन पूजन का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। भजन-संध्या में भजनों की गंगा प्रवाहित हुई। बाबा गौतम राम ने आशीर्वचन में कहा कि अपने अवगुणों को छोड़कर गुरु के प्रति अपनी सच्ची श्रद्धा अर्पित करते हैं तो जीवन में सुख-समृद्धि आएंगी। आश्रम परिसर व बाहर मेले जैसा माहौल रहा।
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बालक दास की पूजा करते भक्त। - फोटो : संवाद
गढ़वाघाट आश्रम
गढ़वाघाट आश्रम में पीठाधीश्वर स्वामी सरनानंद महाराज के दर्शन के लिए अनुयायियों की भीड़ रही। आश्रम के पूर्व पीठाधीश्वर स्वामी आत्मविवेकानंद परमहंस व स्वामी हरशंकरानंद परमहंस सहित सभी पीठाधीश्वरों की समाधियों में विधिवत पूजन-अर्चन व आरती की गई। सरनानंद महाराज ने कहा कि मानव जीवन की श्रेष्ठता उसके कर्मों से सिद्ध होती है। अपना कर्म श्रेष्ठ रखें, प्रारब्ध भी श्रेष्ठ होगा।
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महामंदिर में गुरु पूर्णिमा का आयोजन। - फोटो : संवाद
अन्नपूर्णा मंदिर, धर्मसंघ में भी उमड़ी भीड़
अन्नपूर्णा मंदिर में विधि-विधान के साथ महंत शंकर पुरी ने अपने गुरु कपिलमुनि की आराधना कर आरती उतारी। शिष्यों ने गुरु चरणों में शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया। धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी की तपोस्थली धर्मसंघ दुर्गाकुंड में पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने भक्तों को आशीर्वाद और गुरु दीक्षा दी। इस दौरान चंद्रमौलीश्वर महादेव का अभिषेक हुआ। स्वामी करपात्री महाराज, ब्रह्मलीन लक्ष्मण देव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज की प्रतिमा का पूजन हुआ।

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संतोष दास की आरती करते बच्चे। - फोटो : संवाद
ऋषि आश्रम नेवादा में श्रीविद्या सिद्ध एवं ज्योतिष सम्राट की उपाधि से विभूषित ख्याति कथावाचक राघव ऋषि के दर्शन विभिन्न शहरों से शिष्य ने किया। गुरुधाम स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर में जगतगुरु रामानंदाचार्य डॉ. राम कमलाचार्य वेदांती के सानिध्य में श्री शालिग्राम भगवान एवं जगतगुरु श्री रामानंदाचार्य का वैदिक मंत्रों से अभिषेक हुआ। वेदांती महाराज के गुरु चरणों का पूजन हुआ। महिलाएं, पुरुष व बच्चों ने गुरु वंदन किया। भजन कीर्तन हुआ। श्री दुर्गा माता शक्तिपीठ नगवा में साध्वी गीता के दर्शन के लिए भीड़ रही।

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पड़ाव पर लगी महिला भक्तों की कतार। - फोटो : संवाद
रविदास पार्क के सामने रामेश्वर मठ में काशी धर्म पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी नारायणानंद तीर्थ ने देश-विदेश से आए शिष्यों को दर्शन किए। स्वामीनारायणानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि गुरु मानव को अंधकार से निकालकर उसका जीवन प्रकाशमय करता है। तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का समापन बृहस्पतिवार को होगा। योगी अखाड़ा परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी राधेश्याम महाराज ने अस्सी घाट स्थित शेखर आश्रम में शिष्य को दर्शन दिए।
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गढ़वा घाट आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर आशीर्वाद लेने पहुंचे भक्त। - फोटो : संवाद
विशेश्वरगंज स्थित संगत चेतन मठ में पीठाधीश्वर महंत बलविंदर सिंह ने दर्शन दिए। सतुआ बाबा आश्रम में महामंडलेश्वर संतोष दास, तुलसीघाट पर महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र, वेदपारायण केंद्र में आचार्य अशोक द्विवेदी, मछली बंदर मठ में स्वामी विमल देव आश्रम देव महाराज, कबीर मूलगादी मठ में आचार्य विवेक दास, भेलूपुर जैन मंदिर में मुनि भाव सागर और धर्म सागर महाराज आदि मठों और आश्रमों में महंत व पीठाधीश्वरों ने शिष्यों और अनुयायियों को दर्शन दिए।
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