बनारस में गंगा के तेवर से टेंशन बढ़ गई है। गंगा का जलस्तर अब तेजी से लाल निशान की ओर बढ़ रहा है। जलस्तर की रफ्तार में उतार और चढ़ाव के साथ ही गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से मात्र 49 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है। गंगा के रौद्र रूप के कारण वरुणा में पलट प्रवाह ने तटवर्ती इलाकों में पलायन तेज कर दिया है। वरुणा कॉरिडोर पूरी तरह से पानी में समा गया है और शास्त्री घाट पर भी पानी ऊपर चढ़ने लगा है। वरुणा पार के 35 परिवारों को बाढ़ राहत शिविर में पहुंचाया गया। इधर, मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पूरी तरह डूब गए हैं।
हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में शवदाह किया जा रहा है और मणिकर्णिका घाट पर छतों पर शवदाह हो रहा है। जगह कम पड़ने के कारण लोगों को तीन से चार घंटे तक इंतजार भी करना पड़ रहा है। घाट के किनारे के निवासियों, सैलानियों, नाविकों सहित सभी को घाटों पर जा कर घूमने फिरने, नहाने तथा बोटिंग आदि को प्रतिबंधित कर दिया गया है। गंगा घाट पर जल पुलिस को निगरानी के लिए लगाया गया है।