जी-20 देशों के एफडब्ल्यूजी के प्रतिनिधियों ने बाबा विश्वनाथ से सारनाथ तक को अपनी नजरों में बसाया। बाबा दरबार में मंगला आरती के साथ स्वर्ण शिखरों को निहारा तो गुरुवार को भगवान बुद्ध की उपदेशस्थली सारनाथ पहुंचकर बुद्ध के अस्थि कलश के दर्शन किए। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
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- फोटो : अमर उजाला
बोधि वृक्ष और खंडहर परिसर भी देखा। दो घंटे के अपने सारनाथ भ्रमण के दौरान प्रतिनिधि उत्साहित और खुश नजर आए। सुबह 10:30 बजे के लगभग विभिन्न देशों से आए 73 प्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सारनाथ पहुंचे।
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- फोटो : अमर उजाला
पहले वे खंडहर परिसर में गए जहां धर्म राजिका स्तूप, धमेख स्तूप और पुरातात्विक विरासत देखी। इसके बाद प्रतिनिधि संग्रहालय में गए। यहां केश विन्यास पर चल रही प्रदर्शनी देखी। इसके बाद विदेशी मेहमान महाबोधि मंदिर गए जहां भगवान बुद्ध के तथागत रूप को खाता भेंट किया और अस्थियों के दर्शन किए।
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- फोटो : अमर उजाला
सारनाथ पहुंचे प्रतिनिधियों को काशी के शिल्प ने मोह लिया। सारनाथ संग्रहालय में दूकान खुलवाई गई। यहां से सैलानियों ने रेशम की साड़ी, दुपट्टे, बलुआ पत्थरों से निर्मित अशोक स्तंभ, हाथी, भगवान बुद्ध की प्रतिमाओं की खरीदारी की। संग्रहालय के बाहर पटरियों पर सजी दूकानों में भी प्रतिनिधि खरीदारी करते रहे।
सैलानियों ने रेशम की साड़ी, दुपट्टे, बलुआ पत्थरों से निर्मित अशोक स्तंभ, हाथी, भगवान बुद्ध की प्रतिमाओं की खरीदारी की। संग्रहालय के बाहर पटरियों पर सजी दूकानों में भी प्रतिनिधि खरीदारी करते रहे।