'अतिथि देवो भव' हमारे देश की परंपरा है। देश भर में ऐसे दर्शनीय स्थल हैं जिसे देखने विदेशी पर्यटक यहां आते हैं। लेकिन हाल की कुछ घटनाओं ने हमें शर्मसार किया है। केंद्र और प्रदेश सरकार ने बनारस सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों में पर्यटन को बढ़ावा देने की मुहिम छेड़ रखी है लेकिन सुरक्षा की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। मिर्जापुर की घटना ने सैलानियों की सुरक्षा इंतजाम पर सवाल खड़ा किया है। विदेशी सैलानियों के साथ अभद्रता की यह कोई पहली घटना नहीं है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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hamla
- फोटो : self
वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट और कैंट रेलवे स्टेशन से बाहर निकलने के बाद विदेशी नागरिकों की मदद के लिए न कहीं हेल्प सेंटर हैं और न पुलिस अंग्रेजी में इतनी दक्ष है कि उनके सवालों के जवाब दे पाए। उन्हें उनकी जरूरत के अनुरूप सूचनाएं, जानकारियां दे पाए। इसका फायदा चोर-उचक्के और जालसाज तो उठाते ही हैं, शरारती तत्वों को भी गाहेबेगाहे छेड़खानी जैसी हरकतों का मौका मिल जाता है।
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जर्मनी के हेलिगर एरेक्स
- फोटो : अमर उजाला
विदेशी पर्यटकों के साथ पहले भी कई बार हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं। इसी वर्ष जून के महीने में रोहनिया क्षेत्र में बुजुर्ग फ्रांसीसी महिला के साथ गेस्ट हाउस के चौकीदार ने दुराचार किया था और विरोध करने पर मारपीट कर अधमरा कर दिया था। इससे पहले वर्ष 2015 में रूसी युवती पर लंका क्षेत्र में उसके सिरफिरे दोस्त ने एसिड उड़ेल दिया था।
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फ्रांसीसी नागरिक के साथ मनबढ़ो से लोहा लेने वाली साहसी बेटियां
- फोटो : अमर उजाला
पिछले नवंबर महीने में सोनभद्र में एक जर्मन नागरिक और एक दरोगा के बीच हाथापाई का मामला सुर्खियों में था। वर्ष 2013 में एक विदेशी युवती को भांग पिलाकर दुराचार किए जाने का मामला सामने आया था। कुछ वर्षों पूर्व लंका थाना के नगवां क्षेत्र में एक जापानी नागरिक का शव संदिग्ध हाल में मिला था।
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इसके अलावा गंगा घाटों पर आए दिन विदेशी नागरिक उचक्कागीरी का शिकार होते हैं लेकिन इलाकाई थानों की पुलिस मामले को रफादफा कर देती है। मिर्जापुर के लखनियादरी में फ्रांसीसी नागरिकों के साथ हुई छेड़खानी और हिंसा की घटना से एकबारगी फिर सैलानियों की सुरक्षा का गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। सैलानियों की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम न होना पर्यटन विकास की मुहिम पर भी बड़ा सवाल है।
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ashish tiwari
- फोटो : अमर उजाला
फ्रांसीसी सैलानियों से छेड़खानी, मारपीट, बलवा के मामले में गिरफ्तार किए गए आठों आरोपी कैंट और सारनाथ क्षेत्र के हैं। एसपी मिर्जापुर ने बताया कि रविवार को ड्यूटी पर तैनात पुलिस और पीएसी के जवान कहां थे, इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के लिए एसपी ऑपरेशन को कहा गया है।फ्रांसीसी नागरिकों के साथ मारपीट नहीं हुई है।
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तीनों बेटियों ने दिखाया साहस
- फोटो : अमर उजाला
मिर्जापुर में विदेशी पर्यटकों से हुई छेड़छाड़ और मारपीट की घटना ने न केवल राज्य बल्कि देश को शर्मसार कर दिया है। फ्रांस निवासी एक पुरुष और चार महिलाओं के साथ उस दिन अगर काशी की बेटियां नहीं होती तो शायद घटना और बड़ी होती। फ्रांसीसी नागरिकों के साथ मिर्जापुर गई काशी की इन बेटियों ने बिना जान की परवाह किए 10 से 12 की संख्या में आए मनबढ़ों से भिड़ गई थी।
जोंपियर ने बताया कि इस घटना से वो और उनके साथी बेहद सहम गए हैं और अब वापस अपने देश लौट रहे हैं। जोंपियर ने रिया, मिली और तान्या की खासी तारीफ की। बताया कि अराजकतत्व जब छेड़खानी, मारपीट और गालीगलौज कर रहे थे तो उन्हें कुछ समझ नहीं आया। ऐसे में उनके दोस्त नितिन के घर की तीनों बच्चियों ने हिम्मत दिखाई और अराजकतत्वों का डटकर लोहा लिया।