यूपी के मऊ जिले का मुहम्मदपुर हसनपुर गांव सोमवार गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। बाइक सवार तीन बदमाशों ने चांदसी दवाखाने के संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी। सूचना पर सीओ पहुंच गए। वारदात की वजह का पता नहीं चल सका। वारदात के वक्त संचालक की पत्नी और बच्चे दूसरे कमरे में मौजूद थे। फायरिंग की गूंज से पूरे गांव में दहशत फैल गई। आगे की स्लाइड्स में देखें....
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- फोटो : अमर उजाला
पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के बारासाथ निवासी प्रशांत कुमार मातबर (45) एक दशक से घोसी-सूरजपुर मार्ग पर कोतवाली क्षेत्र के मुहम्मदपुर हसनपुर गांव स्थित चट्टी पर किराए के मकान में रहते थे। वह मकान के ही अगले हिस्से में दवाखाना चलाते थे। लोगों के अनुसार सोमवार शाम लगभग सात बजे एक बाइक से तीन बदमाश पहुंचे। इनमें से एक दवाखाने में गया और संचालक के सिर में तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी। इसके बाद सभी घोसी की ओर भाग निकले।
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- फोटो : अमर उजाला
किसी ने यूपी 100 पुलिस और कोतवाली पुलिस को सूचना दी। लेकिन, एक घंटे बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। बाद में सीओ नंदलाल, प्रभारी निरीक्षक और अन्य पुलिस कर्मियों के साथ पहुंचे। एसपी ललित कुमार सिंह ने बताया कि सीओ घोसी को भेजा गया है। जांच के बाद कारणों का पता चल सकेगा। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं।
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UP Police
हसनपुर गांव की चट्टी पर अपनी ही क्लीनिक पर सरे शाम हुई पति की हत्या से चिकित्सक की पत्नी कांप उठी। चिकित्सक पत्नी पारुल (40) पुत्री गुंजन पारुल और बेटे अंकित के साथ क्लीनिक के पीछे स्थित कमरों में रहता था। चिकित्सक की 17 वर्षीय बेटी गुंजन गोरखपुर में रहकर पढ़ाई करती है। शाम को पारूल पीछे के कमरे में खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान गोलियों की तड़तड़ाहट से उसका ध्यान क्लीनिक की ओर गया। वह भागकर क्लीनिक में पहुंची तो पति को लहूलुहान देखकर कांप उठी।
दहाड़े मारकर पति की ऊपर गिरकर बिलखने लगी। उसने शोर मचाकर हमलावरों को पकड़ने की गुहार भी लगाई, लेकिन बदमाशों के खौफ से कोई भी आगे नहीं आ जा सका। चिकित्सक का बेटा अंकित भी पिता की हत्या पर बिलख पड़ा। दोनों मां बेटे क्रंदन करते रहे। वारदात की सूचना लोगों ने चिकित्सक की बेटी को दे दी। गांव के सभी लोगों का कहना था कि चिकित्सक मिलनसार और विनम्र स्वभाव के थे , उनकी किसी से रंजिश भी नहीं थी फिर भी बदमाशों ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया।