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कचहरी में विवाद: घायल दरोगा पति को देख पत्नी बेहोश, शरीर पर चोट के 16 निशान; किडनी पर ज्यादा असर

Wed, 17 Sep 2025 05:12 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी कचहरी में करीब 50 अधिवक्ताओं ने दो पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला बोल दिया। उनके आईकार्ड और रुपये तक छीन लिए। इसके बाद नाली में धकेलकर भाग निकले। सीपी, डीएम के साथ कई अफसरों ने माैका मुआयना किया।
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घायल दरोगा मिथिलेश का हाल जानते सीपी मोहित अग्रवाल। - फोटो : अमर उजाला
Varanasi News: कचहरी में मंगलवार शाम को अधिवक्ताओं के हमले में दरोगा के चेहरे, आंख समेत 16 जगहों पर चोट आई, बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी में उनका इलाज चल रहा है। उन्हें हाई फ्लो ऑक्सीजन पर रखा गया है।



इमरजेंसी में पहुंचने के बाद ट्रॉमा सर्जरी, न्यूरो सर्जरी सहित अन्य विभागों के चिकित्सकों ने देखा। दरोगा का हाथ-पैर तो नहीं टूटा है, लेकिन अंदरूनी चोट अधिक है। वह बेड पर भी दर्द से कराह रहे हैं। दरोगा को सिर में भी चार जगहों पर चोट आई है। किडनी के पास भी चोट होने की वजह से देर रात किडनी, लीवर फंक्शन टेस्ट करवाया गया। 
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मीडिया से बातचीत करते अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला
केस लदा तो कचहरी में घुस गए हिस्ट्रीशीटर और अपराधी
पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए कचहरी में हिस्ट्रीशीटर और अपराधी काला कोट पहन रहे हैं। 20 से 30 फीसदी कचहरी इन्हीं लोगों से पटी है। अपराधियों पर मुकदमा दर्ज हुआ तो वह रजिस्ट्रेशन कराकर कचहरी में घुस गए। सेंट्रल और बनारस बार में भी संपर्क बढ़ाया और वरिष्ठ अधिवक्ताओं का साथ पाकर जमीन की रजिस्ट्री और पंचायत में कूद पड़े हैं। थाने की छोटी-बड़ी पंचायत में इस तरह के अधिवक्ता आगे हैं।
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डीएम सत्येंद्र कुमार ने वारदात स्थल का किया जायजा। - फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया कि कचहरी में कुछ दिन पहले ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान भी चलाया गया था। इन जैसे लोगों की वजह से कचहरी शर्मसार हो रही है, जिनका सिर्फ निजी स्वार्थ होता है। इन लोगों के कारण अच्छे अधिवक्ता भी असहज महसूस करते हैं। 

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पति मिथिलेश को देख पत्नी बेहोश। - फोटो : अमर उजाला
सेंट्रल बार के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता अमरनाथ शर्मा ने कहा कि इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम होगी। कुछ अराजकतत्व इस पेशे में घुस आए हैं, जिन पर कोई नियंत्रण नहीं है। शर्मा ने पुलिस कर्मियों को भी अपने व्यवहार में सुधार लाने की सलाह दी है। 
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कचहरी के बाहर माैजूद पुलिस फोर्स। - फोटो : अमर उजाला
बार एसोसिएशन घटना की निंदा करता है। अधिवक्ता समाज इस तरह के अवांछनीय कृत्य का कोई समर्थन नहीं करता है। इस मामले में बार एसोसिएशन पुलिस को उनकी जांच में पूरी तरह से सहयोग करेगी। इस मामले में बुधवार को सेंट्रल बार एसोसिएशन के सभागार में बैठक कर आगे की कार्यवाही के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। - राजेश गुप्ता, महामंत्री, सेंट्रल बार एसोसिएशन
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पुलिस छावनी में तब्दील हुई कचहरी। - फोटो : अमर उजाला
अवांछनीय तत्वों द्वारा की गई इस घटना से पूरा अधिवक्ता समाज मर्माहत है। हम इस घटना से जुड़े लोगों का समर्थन नहीं करते है। बार पूरी तरह से पुलिस को जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है। - मंगलेश दूबे, अध्यक्ष, सेंट्रल बार एसोसिएशन
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पुलिस छावनी में तब्दील हुई कचहरी। - फोटो : अमर उजाला
पहले रेकी और फिर सुनियोजित तरीके से दरोगा पर हुआ हमला
पुआरी खुर्द निवासी मोहित कुमार सिंह उर्फ मोहित मौर्या खुद को अधिवक्ता बताकर अपने चाचा प्रेम चंद्र मौर्या, अशोक मौर्या, संतोष मौर्या आदि जमीन कब्जा करने की नीयत से विवाद करता आ रहा है। 

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मामले की जानकारी लेते डीएम। - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार पूर्व में कोर्ट गए उप निरीक्षक मिथलेश कुमार प्रजापति के साथ मोहित कुमार सिंह और 80- 90 साथी अधिवक्ताओं ने पहले रेकी की। फिर जान से मारने की नीयत से मारपीट की। 28 जून को भी मोहित ने प्रेम चंद्र मौर्या के घर के निर्माण को रोकने की बात पर विवाद कर अशोक कुमार मौर्या से मारपीट की थी। जिसमें अशोक कुमार मौर्या के हाथ की हड्डी फ्रैक्चर हो गई थी। 
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घायल दरोगा मिथिलेश प्रजापति। - फोटो : अमर उजाला
इलाज के बाद अशोक कुमार मौर्या की तहरीर पर मोहित कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। 13 सितंबर को भी मोहित प्रार्थना पत्र लेकर समाधान दिवस में पहुंचा। विपक्षी प्रेम चंद्र मौर्या ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। पूछताछ में पता चला कि मोहित ने चाचा प्रेमचंद्र मौर्य की पिटाई की थी। पुलिस के समझाने पर भी नहीं माना। मोहित और प्रेम का शांतिभंग में चालान भी किया गया। इसके बाद अधिवक्ता थाने पर इकट्ठा हुए और सबक सीखाने की धमकी देने लगे। 
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