Cough Syrup Case in UP: कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन किंगपिन शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है। वाराणसी में उसके 28 करोड़ की संपत्ति को सील कर दिया गया। कार्रवाई करने पहुंची पुलिस भी उसके मकान को देखकर दंग रह गई।
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शुभम जायसवाल के मकान में रूफ टॉप पर स्वीमिंग पूल।
- फोटो : अमर उजाला
Varanasi News: कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल ने छह महीने पहले ही अपनी पत्नी शारदा देवी और बहू वैशाली के नाम से भेलूपुर में 23 करोड़ का आलीशान मकान खरीदा था। यह मकान तुलसीपुर वार्ड में है। इसकी रजिस्ट्री 5 जुलाई 2025 को हुई थी। बाहर से साधारण मकान के टॉप फ्लोर पर स्वीमिंग पूल बना है।
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महमूरगंज स्थित संपत्ति पर कार्रवाई।
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इस क्षेत्र में मकान खरीदने का उद्देश्य यह रहा कि पूरा क्षेत्र ट्रांसपोर्ट का है। यहां से दवा और अन्य सामानों का परिवहन आसानी से किया जा सकता है। आसपास के लोगों ने बताया कि लग्जरी गाड़ियों से शुभम और उसके लोग यहां आते-जाते थे। रात में कार्टन में दवाइयां आती थीं जो मकान के अंदर ही रखवाई जाती थी। अंदर लग्जरी व्यवस्थाएं हैं। पांच महीने पहले स्वीमिंग पूल की टंकी से पानी का रिसाव होने लगा था। इसकी शिकायत पड़ोसियों ने वीडीए और नगर निगम प्रशासन की थी। वीडीए, नगर निगम की टीम रामकटोरा स्थित पहुंची और फीता से मकान की चौड़ाई को मापा था लेकिन इसके बाद कुछ नहीं हुआ।
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संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई के दाैरान माैजूद पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
एनडीपीएस एक्ट में पहली और बड़ी कार्रवाई : सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज के सीओ रणधीर मिश्रा ने बताया कि कफ सिरप मामले में पहले दिन से सोनभद्र पुलिस की कार्रवाई जारी है। एनडीपीएस एक्ट मामले में आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल और उसकी पत्नी, बहू के नाम से 28.50 करोड़ की तीन संपत्तियों को जब्त किया गया। इस मामले में अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। आरोपी भोला प्रसाद सोनभद्र जेल में बंद है। कफ सिरप मामले में मुख्य आरोपी उसका बेटा शुभम जायससवाल अब भी भागा है।
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शुभम के मकान पर सील का ठप्पा लगाती पुलिस।
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पीडी फार्मा को एमके फर्म ने बेचा 10 करोड़ का कफ सिरप, संचालक गिरफ्तार
कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में आरोपी एमके फार्मा फर्म के संचालक फैजुर रहमान को सारनाथ पुलिस ने बृहस्पतिवार रात प्रयागराज से गिरफ्तार किया। प्रयागराज के करेली थाना क्षेत्र के आशियाना आजाद नगर निवासी फर्म संचालक फैजुर रहमान सारनाथ के पीडी फार्मा के प्रोपराइटर विष्णु पांडेय को 10 करोड़ का कफ सिरप बेच चुका है। जिला जेल में बंद विष्णु पांडेय, लोकेश अग्रवाल, सुरेश चंद्र गुप्ता और प्रतीक गुजराती की गिरफ्तारी के बाद से आरोपी फैजुर रहमान की तलाश थी।
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नोटिस चिपकाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि कांस्टेबल सौरभ तिवारी ने आरोपी को प्रयागराज से हिरासत में लिया। बाकायदा चेन के तौर पर कप सिरप की खरीद बिक्री हुई। 18 दिसंबर 2025 को ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने मेसर्स पीडी फार्मा संचालक विष्णु कुमार पांडेय निवासी तिसरिया परशुराम के खिलाफ नशे में इस्तेमाल होने वाले कफ सिरप की खरीद बिक्री के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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आलीशान मकान के गेट के डिजाइन को निहारती पुलिस।
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छानबीन में विष्णु, महमूरगंज मोहिनीकुंज निवासी लोकेश अग्रवाल, सप्तसागर मंडी के शिल्पी फार्मा संचालक और हवाला कारोबारी प्रतीक गुजराती व गुप्ता मेडिकल एंड सर्जिकल एजेंसी के संचालक सुरेश चंद्र को गिरफ्तार किया गया। कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार प्रतीक गुजराती को रिमांड पर लेकर सारनाथ पुलिस पूछताछ भी कर चुकी है। कफ सिरप का सरगना शुभम जायसवाल का करीबी प्रतीक गुजराती गोल्ड से बांग्लादेश से नकदी काशी में मंगाता था।
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कार्रवाई के दाैरान माैजूद लोग।
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के नंबर की मर्सिडीज बेंज कार भी जब्त
कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी में शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला जायसवाल की लखनऊ के नंबर की मर्सिडीज बेंज कार भी जब्त की गई है। बैंक खातों में जमा रुपये व फिक्स डिपॉजिट भी फ्रीज करा दिए गए। सोनभद्र पुलिस ने 18 अक्तूबर 2025 को चेकिंग के दौरान कंटेनर में चिप्स-नमकीन की पेटियों के पीछे छिपाकर ले जा रहे कोडीन युक्त कफ सिरप की बड़ी खेप पकड़ी थी।
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शुभम के आलीशान मकान पर प्रशासन ने की कार्रवाई।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो तस्करी का बड़ा रैकेट सामने आया। आरोपी जाली कागजात के आधार पर विदेशों तक कफ सिरप की तस्करी करता था। इस गिरोह का सरगना वाराणसी का शुभम जायसवाल व उसका पिता भोला जायसवाल निकला। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद भोला जायसवाल को कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। वह विदेश भागने की तैयारी में था। उसे सोनभद्र लाकर पूछताछ में कफ सिरप की तस्करी के धंधे से हुई अवैध कमाई से 28.50 करोड़ की संपत्ति अर्जित करने की बात सामने आई।
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शुभम जायसवाल, भोला प्रसाद और अमित सिंह टाटा।
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पुलिस इसे कुर्क करने की तैयारी में जुटी थी। एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी करते हुए 22 जनवरी को कोर्ट से आदेश प्राप्त कर जिले से सीओ सिटी रणधीर मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम को वाराणसी भेजा गया। टीम ने वाराणसी पुलिस से सहयोग लेकर भोला व उसकी पत्नी के नाम विभिन्न क्षेत्रों में स्थित साढ़े 28 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली। पूरी प्रक्रिया से पहले मुनादी कराई गई।
चार साल के अंदर बनाईं 28.50 करोड़ की तीन संपत्तियां
सीओ ने बताया कि अब तक की जो जानकारी सामने आई कि शुभम ने पिछले तीन-चार साल के अंदर ही इन संपत्तियों को खरीदा था। महमूरगंज की संपत्ति सबसे महंगी है। आसपास के लोगों ने बताया कि अंदर ही अंदर तीन मंजिला मकान तैयार हो गया और वीडीए का कोई भी कर्मचारी नहीं आया। लोगों ने बताया कि जिस तरह ड्रग विभाग का शुभम ने मुंह बंद करा रखा था, ठीक उसी तरह वीडीए के जिम्मेदार भी खामोश थे।
जांच में सोनभद्र पुलिस सबसे आगे रही
कफ सिरप की तस्करी के तार सोनभद्र समेत पूर्वांचल के कई जिलों से जुड़े हैं। गाजियाबाद, लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, भदोही की पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है। सोनभद्र पुलिस सबसे आगे रही है। सही रणनीति, तथ्यपरक, प्रभावी जांच के जरिये सोनभद्र पुलिस ने सबसे पहले का लोकेशन ट्रेस करते हुए उसे देश छोड़ने से पहले कोलकाता एयरपोर्ट से दबोचा था। अब उसकी संपत्ति जब्त करने में भी कामयाब रही।