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CM Yogi Birthday: सीएम योगी ने 125 से ज्यादा बार किए बाबा के दर्शन, बच्चों को दिखाते हैं दुलार; तस्वीरें

Fri, 05 Jun 2026 09:42 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: सीएम योगी के जन्मदिन पर वाराणसी, मिर्जापुर और आजमगढ़ मंडल के विभिन्न जिलों में पौधरोपण अभियान चलाया गया। भाजपा और उससे जुड़े संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक परिसरों में पौधे लगाए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की गई।
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बच्चों को भोजन परोसते सीएम योगी। - फोटो : संवाद
CM Yogi Birthday: योगी आदित्यनाथ का जीवन धार्मिक परंपराओं और सनातन संस्कृति से गहराई से जुड़ा रहा है। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी को वह केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की राजधानी के रूप में देखते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अनेक बार वाराणसी का दौरा किया। राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों के अलावा उनका अधिकांश दौरा बाबा श्री काशी विश्वनाथ और बाबा कालभैरव के दर्शन-पूजन से जुड़ा रहा है।
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काल भैरव मंदिर जाते वक्त जनता का हाल पूछते सीएम योगी। - फोटो : संवाद
काशी आगमन पर मुख्यमंत्री प्रायः सबसे पहले बाबा कालभैरव का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। इसके बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन करते हैं। काशी की परंपरा में कालभैरव को नगर का कोतवाल माना जाता है और योगी आदित्यनाथ इस परंपरा का विशेष सम्मान करते दिखाई देते हैं। 
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सीएम योगी ने बाबा विश्वनाथ का पूजन किया। - फोटो : Amar Ujala
आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद वह संभावित रूप से 125 से अधिक बार बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। वर्ष में कई बार होने वाले उनके काशी दौरे में मंदिर दर्शन लगभग नियमित रूप से शामिल रहता है। मंदिरों में दर्शन के दौरान उनकी आस्था और श्रद्धा सहज रूप से दिखाई देती है।

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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सीएम योगी ने की पूजा। - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री के कार्यकाल में काशी के स्वरूप में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। श्री काशी विश्वनाथ धाम परियोजना ने विश्वभर के श्रद्धालुओं को नई सुविधाएं प्रदान की हैं। गंगा घाटों का सुंदरीकरण, नमो घाट का विकास, सड़कों का चौड़ीकरण, यातायात व्यवस्था में सुधार, रोप-वे परियोजना, पर्यटन सुविधाओं का विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने जैसे अनेक कार्यों ने काशी की पहचान को नई ऊंचाई दी है। आज वाराणसी धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
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वाराणसी में सीएम योगी का दौरा। - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। धाम परिसर के विस्तार, सुविधाओं के विकास और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री स्वयं समय-समय पर परियोजनाओं की समीक्षा करते रहे हैं और काशी को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयासरत रहे हैं।
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वाराणसी में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला
योगी आदित्यनाथ की एक अलग छवि कालभैरव मंदिर और आसपास की गलियों में भी देखने को मिलती है। यहां वह स्थानीय लोगों, दुकानदारों और बच्चों से आत्मीयता के साथ मिलते हैं। कई अवसरों पर बच्चों को दुलारते, उनका हालचाल पूछते और उनके साथ सहज बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री को देखा गया है। यही सहजता उन्हें आम लोगों के बीच लोकप्रिय बनाती है।
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वाराणसी में सीएम योगी बच्चों को उपहार देते हुए। - फोटो : सूचना विभाग
मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर शुक्रवार को वाराणसी, मिर्जापुर और आजमगढ़ मंडल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े संगठनों ने पौधरोपण अभियान चलाया। कई स्थानों पर समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। 

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अन्नपूर्णा मंदिर में सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला
काशी में बाबा विश्वनाथ धाम, कालभैरव मंदिर तथा अन्य धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजन-अर्चन किया गया। समर्थकों ने केक काटकर मुख्यमंत्री के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। वहीं वाराणसी, मिर्जापुर और आजमगढ़ मंडल के विभिन्न जिलों में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
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कार्यक्रम को संबाेधित करते हुए सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला
आस्था और विकास के समन्वय की जो तस्वीर आज काशी में दिखाई देती है, उसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। यही वजह है कि उनके जन्मदिन पर काशी के साथ उनके विशेष संबंध की चर्चा एक बार फिर लोगों के बीच प्रमुखता से हो रही है। काशी के प्रति उनका लगाव केवल श्रद्धा तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इसे विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक नगर के रूप में स्थापित करने की सोच के साथ आगे बढ़ते दिखाई देते हैं।
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