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Chhath Puja 2020: काशी में व्रती महिलाओं ने दिया अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य, घाटों पर उमड़ी भीड़, देखें तस्वीरें...

Fri, 20 Nov 2020 07:26 PM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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दशाश्वमेध घाट पर उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
वाराणसी में छठ पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। अस्सी से राज घाट के अलावा संत रविदास घाट से विश्व सुंदरी पुल तक व्रतियों और उनके परिवारीजनों, रिश्तेदारों की भीड़ ही भीड़ दिखाई पड़ रही है। देखें अगली स्लाइड में भी...
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सिर पर डाला रखकर कैमरे में यादों को कैद करते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
जिले भर में आस्था के महापर्व डाला छठ की धूम देखने को मिल रही है। छठ पूजा के तीसरे दिन शुक्रवार को व्रती महिलाओं ने छठ घाटों पर पहुंचकर अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य की विधि विधान से पूजा की और अर्घ्य दिया। छठ घाटों पर पूरी रात व्रती महिलाएं और उनके परिजन जागरण कर पूजन करने में जुटे रहे। तो कुछ के परिजन डाला सिर पर रखकर घरों के लिए विदा हो गए।
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कोरोना प्रोटोकॉल को देखते हुए मास्क लगाकर दशाश्वमेध घाट पर पूजा करती महिला। - फोटो : अमर उजाला।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए महिलाओं ने मास्क लगाकर पूजन किया। बाजार में भी जगह-जगह लगे फलों की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। सूर्योपासना के डाला षष्ठी व्रत पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने गंगा तटों, सरोवरों, कुंडों पर महिलाओं की भीड़ नैहर से ससुराल तक की समृद्धि और मंगलकामना के गीत गाते हुए पहुंची। गीतों की मंगलध्वनि और महापर्व का उत्सव निहारते बनी।

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सिंधोरिया पोखरी, शिवदासपुर में छत पर व्रती महिलाओं ने किया छठ पूजा। - फोटो : अमर उजाला।
सांझ ढलने के साथ ही अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने घर, परिवार से लेकर सकल समाज के मंगल के लिए कामना की। कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोगों ने सजगता भी बरती। सिंधोरिया पोखरी, शिवदासपुर में छत पर व्रती महिलाओं ने छठ पूजा किया।
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अस्सी घाट पर पूजा करतीं व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
अस्सी से राज घाट के अलावा संत रविदास घाट से विश्व सुंदरी पुल तक व्रतियों और उनके परिवारीजनों, रिश्तेदारों की भीड़ रही। मनौती मानने वाली कई व्रती महिलाएं सड़कों पर लेटते हुए वेदियों तक पहुंचीं। दशाश्वमेध घाट पर भी भीड़ उमड़ पड़ी। वेदियों पर हल्दी-चंदन की अल्पनाएं उकेरी गईं।
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दशाश्वमेध घाट पर आस्थावानों का तांता। - फोटो : अमर उजाला।
गन्ने के मंडप के बीच सूप-दउरी में व्यंजनों, फूलों, फलों से डाला सजाए गए। दीपदान के साथ वेदियों पर व्रतियों ने माथे से लेकर नाक तक सिंदूर के लंबे टीके लगाए। राणा महल घाट, अहिल्याबाई घाट, पांडेय घाट, केदार घाट के अलावा मणिकर्णिका घाट, सिंधिया घाट, रामघाट, पंचगंगा घाट, राजघाट पर पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया। पतियों और पुत्रों ने अर्घ्य दिलाया।
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दशाश्वमेध घाट पर पुलिस फोर्स। - फोटो : अमर उजाला।
छठ पर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रहा। घाटों और भीड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे। डाला की पूजा के बाद गंगा, वरुणा, गोमती के तटों के अलावा सूर्य सरोवर, ईश्वरगंगी तालाब आदि गंगा के किनारे हजारों व्रतियों ने रात्रिपर्यंत जागरण आरंभ किया तो कुछ के परिजन डाला सिर पर रखकर घरों के लिए विदा हो गए।
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