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Chhath Puja in Ballia: घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, गीत गाती महिलाएं घाट पहुंच दिया अर्घ्य, देखें तस्वीरें

Sat, 21 Nov 2020 01:06 AM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
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डाला छठ पूजा के दौरान अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देती महिला। - फोटो : अमर उजाला।
बलिया में छठ पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। परिवार में सुख शांति और संपन्नता के लिए महिलाओं ने शुक्रवार को निर्जला व्रत रखा। शाम को स्नान के बाद शृंगार कर पारंपरिक गीत ‘कांच ही बांस के बहंगियां, बहंगी लचकत जाए’ गाती हुई तालाब, सरोवर, गंगा, सरयू, तमसा और मगई नदी के तटों पर प्रस्थान किया। व्रती महिलाओं ने तालाब, सरोवर, नदी आदि में पूजन किया। इसके बाद अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। अगली स्लाइड में भी देखें... 
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छठ पर्व पर महावीर स्थित घाट की ओर जाती व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
व्रती महिलाएं शुक्रवार की शाम तीन-चार बजे से अपने-अपने घरों से टोली बनाकर घाट के लिए निकलीं। इस दौरान पारंपरिक गीत ‘कांच ही बांस के बहंगियां, बहंगी लचकत जाए’। ‘हथवा में फुलवा डलिया छठ पूजन जाय, छठी मइया होइहे सहइया छठ पूजन जाय’ । ‘उग हो सूूूरुज देव भीन भिनसरवा, अरघ के बेरवा, पूजन के बेरवा हो’। ‘सुगना के मरबो तीर धनुहिया’। छठी माई के घाटवा पे आज बाजन.. गुनगुनाते हुए घाटों पर पहुंचीं। 
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नगर के शनिचारी मंदिर स्थित छठ घाट पर पूजन करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
शाम होते होते घाटों पर श्रद्धालुओं का जमघट लग गया। आलम ये रहा कि घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं रही। इस दौरान व्रती महिलाओं ने सरोवर, पोखरा, रताला, गंगा, घाघरा, तमसा नदी के तट पर पहुंच भगवान भास्कर का पूजन-अर्चन किया। कुछ व्रती महिलाओं ने तालाब, सरोवर, नदी आदि में खड़े होकर पूजन किया। इसके बाद अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया।

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शनिचारी मंदिर स्थित छठ घाट पर पूजन-अर्चन करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
इस दौरान नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर आस्था का सागर हिलोरे मार रहा था। शनिवार को व्रती महिलाएं उदीयमान सूर्य का पूजन-अर्चन करने के बाद अर्घ्य देंगी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिले के सभी थानों की फोर्स अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण करती रही। इसके अलावा खुफिया विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी सादे वेेश में भ्रमण करते नजर आए।
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नगर के बिचला घाट पर पूजन करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के तालाब, पोखरा, सरोवर, गंगा, सरयू, तमसा व मगई नदी के घाटों पर विभिन्न समितियों द्वारा सजावट और प्रकाश आदि की समुचित व्यवस्था की गई थी। शहर में नगर पालिका की ओर से टाउन हाल, रामलीला मैदान, शनिचरी मंदिर, महावीर घाट पर झालरों की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा नगर के लाटघाट, हाइडिल कालोनी, बहादुरपुर और नगर से सटे निधरिया, अगरसंडा, मिड्ढा के घाटों पर सजावट प्रधानों की तरफ से कराई गई थी। 
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नगर के बिचला घाट पर सेल्फी लेती युवतियां। - फोटो : अमर उजाला।
चार दिनों तक चलने वाले छठ महापर्व पर शुुुक्रवार को नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर पहुंची युवतियों और महिलाओं ने पूजा के बाद विभिन्न तरीके से सेल्फी लिया। इसके अलावा घाटों पर ग्रुप में फोटो भी खिंचवाया।
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मिड्ढा गांव स्थित सजा छठ घाट। - फोटो : अमर उजाला।
मझौवा क्षेत्र में बेलहरी, डांगरबाद, जगछपरा, शुक्लछपरा, धरमपुरा, मझौवां, पचरुखिया,  हुकमछपरा, गंगापुर, चौबेछपरा, शाहपुर, सुघरछपरा आदि घाटों पर व्रती महिलाओं ने शाम तीन बजे से पारंपरिक गीत गाते हुए पहुंचना शुरू कर दिया। आलम ये रहा कि शाम होते-होते पूरा घाट खचाखच भर गया। छठ पूजन के साथ डूबते सूर्य देव को अर्ध्य देकर परिवार के मंगलमय की कामना की।
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नगर के बेदुआ मोहल्ल स्थित छठ घाट पर पूजन करते किन्नर। - फोटो : अमर उजाला।
रसड़ा में छठव्रती महिलाएं गीत गाती हुई कस्बा के श्रीनाथ बाबा सरोवर गांधी पार्क सरोवर एवं ग्रामीणांचलों में स्थित सरोवरों, तालाबों व नदी के तट पर पहुंचना प्रारंभ कर दी। भगवान भाष्कर को अर्घ्य देकर लोकमंगल की कामना की। श्रीनाथ बाबा सरोवर तथा गांधी पार्क सरोवर के चारों तरफ महिलाओं की भीड़ व सरोवर के चारों तरफ की गयी आकर्षक सजावट लोगों को बरबस ही अपनी तरफ आकर्षित कर रही थी।  वहीं नगर के बेदुआ मोहल्ल स्थित छठ घाट पर किन्नर समुदाय के लोगों ने पूजन किया। 
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