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Chhath 2020: खरना के साथ 36 घंटे का महाव्रत शुरू, आज अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को देंगे अर्घ्य

Fri, 20 Nov 2020 09:26 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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अस्सी घाट पर छट पूजा के लिए वेदी पर दीप जलाकर पूजा करती महिला । - फोटो : अमर उजाला
लोक आस्था का महापर्व छठ गुरुवार को संझवत के साथ आरंभ हो गया। महिलाओं ने नमक रहित एक अन्न का भोजन कर खरना व्रत को पूर्ण किया। इसके साथ ही 36 घंटे का निराजल व्रत भी आरंभ हो गया। व्रत शुक्रवार को अस्ताचलगामी और शनिवार को उदीयमान भगवान भास्कर के अर्घ्य के साथ पूर्ण होगा।

गुरुवार से सूर्य षष्ठी के व्रत की शुरुआत हो गई। नहाय-खाय के साथ बुधवार को व्रत का संकल्प लेने वाली महिलाओं ने सुबह स्नानादि के बाद भगवान सूर्य का स्मरण करते हुए निराजल व्रत का श्रीगणेश किया। व्रती महिलाओं ने सुबह स्नान कर पीला वस्त्र धारण किया इसके बाद परंपरा के अनुसार नाक से माथे तक सिंदूर लगाया। व्रती महिलाएं दोपहर से ही पूजन की तैयारियों में जुट गईं। दिन भर के व्रत के बाद महिलाओं ने शाम के समय मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी से चावल और गुड़ की खीर बनाकर प्रसाद तैयार किया।

व्रती महिलाओं ने सूर्य देव और छठ मां की पूजा करके गुड़ की खीर का भोग लगाया। व्रती महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण किया और परिवार के सदस्यों और परिचितों को प्रसाद का वितरण किया। प्रसाद ग्रहण करने के साथ ही 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है।
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गंगा महल घाट पर छट पूजा के लिए वेदी पर दीप जलाकर पूजा करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
मान्यता है कि आज ही के दिन शाम से व्रती महिलाओं के घर छठी मैया का आगमन हो जाता है। व्रत का पारण 21 नवंबर की सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर होगा। वहीं दूसरी तरफ गंगा के तट, कुंड और सरोवरों पर वेदियों की साज-सजावट का काम भी चलता रहा। शाम को वेदियों पर महिलाओं ने दीप जलाकर खरना के व्रत को पूर्ण किया।
 
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अस्सी घाट पर देर शाम पूजा करने के बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
सूर्य सरोवर में तैयारियां पूरी
बनारस रेल कारखाना परिसर स्थित सूर्य सरोवर में भी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सफाई और साज संवार पूरी कर ली गई। परिसर चारों ओर रंगीन विद्युत झालरों से सजाया गया है। बिना कोरोना जांच रिपोर्ट के किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

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अस्सी घाट के समीप पूजा करके लौटती महिलाएं । - फोटो : अमर उजाला

छठ पूजा: यातायात डायवर्जन देखकर ही निकलें घर से


छठ पूजा के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए वाराणसी यातायात पुलिस ने डायवर्जन लागू कर दिया है। शुक्रवार की दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक और  शनिवार की भोर 3 बजे से सुबह 9 बजे गंगा घाटों की ओर छोटे-बड़े वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया गया है।

एसपी ट्रैफिक श्रवण कुमार सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि भीड़ से बचने के लिए वाहनों का संचालन कम से कम करें और निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही अपने वाहनों को खड़ा करें। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने को लेकर सभी यातायात निरीक्षकों और फैंटम को विशेष दिशा निर्देश दिया गया है।


 
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छठ पूजा के लिए दशाश्वमेध घाट पर वेदी की पूजा करने के बाद एक दूसरे की मांग भरती नमिता तिवारी व सास मूंगा देवी। - फोटो : अमर उजाला

ये हैं रूट

  • गोदौलिया चौराहा से दशाश्वमेध घाट, राजेन्द्र प्रसाद घाट, शीलता घाट व अन्य समीपवर्ती घाटों पर किसी भी प्रकार के वाहन को नहीं जाने दिया जाएगा।
  • हाइवे स्थित हरसेवानंद पब्लिक स्कूल से नगवा चौकी की तरफ किसी भी वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
  • भदउ चुंगी से भौसासुर घाट की तरफ वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
  • राजघाट स्थित बसंता कालेज मोड़ से खिड़किया घाट व राजघाट की तरफ किसी भी वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
  • सूजाबाद पुलिस चौकी से छोटे-बड़े वाहनों को राजघाट की तरफ नहीं प्रवेश दिया जाएगा। इन वाहनों को पड़ाव से रामनगर की तरफ निकाला जाएगा।
  • कचहरी जालान के पास शास्त्री घाट की तरफ कोई भी वाहन नहीं जाएगा।
  • डीएलडब्ल्यू परिसर में सूर्य सरोवर के आस-पास सभी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा।
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