बीएचयू एक बार फिर विवादों में है। इस बार विवाद का कारण है सेमेस्टर की परीक्षा। इसमें पूछे गए सवालों को लेकर सोशल मीडिया से लेकर बनारस से दिल्ली तक बहस छिड़ी है। प्रश्नपत्रों को सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। तीन तलाक, हलाला और रानी पदमावती पर सवाल पूछे जाने पर बवाल खड़ा होना लगा है। कहा जा रहा है कि इस तरह के मुद्दों को पेपर में पूछे जाने से माहौल बिगड़ सकता है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरा मामला..
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पिछले दिनों एमए राजनीतिशास्त्र में जीएसटी पर पूछे गए सवाल के बाद राजनीति शास्त्र के प्रश्नपत्र में बीजेपी और आम आदमी पार्टी पर सवाल पूछे गए। यह प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इस बारे में विभागाध्यक्ष ने कहा था कि राजनीतिशास्त्र विषय में पार्टियों पर सवाल पूछा जाना कोई गलत नहीं है। अब बखेड़ा इतिहस के प्रश्नपत्र पर हो गया है।
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अर्थशास्त्र और राजनीतिशास्त्र के बाद विवाद का काराण बना है इतिहास का प्रश्नपत्र। तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा में सवाल में छात्रों से तीन तलाक और हलाला इस्लाम का दुश्मन पर सवाल किया गया। सवाल पूछा गया गया इस्लाम में तीन तलाक एवं हलाला एक सामाजिक बुराई है। इसकी व्याख्या कीजिए। यह सवाल मध्य भारत में समाज, संस्कृति और धर्म पेपर के खंड ब में पूछा गया।
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इसी सेक्शन बी में रानी पदमावती पर भी विचार मांगे गए। 10 नंबर के इस सवाल में छात्रों से पूछा गया कि 'आप जौहर परंपरा से क्या समझते हैं? अलाउद्दीन खिलजी की अवधि में रानी पद्मावती के जौहर का वर्णन करें।' इस तरह के प्रश्न पत्र पर बीएचयू के सहायक प्रोफेसर, राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि अगर छात्रों को इस तरह की बातें नहीं सिखाई जाती है और पूछी जाती हैं तो वे इसके बारे में कैसे जान पाएंगे?
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इस पर बीएचयू के प्रोफेसर राजीव श्रीवास्तव ने कहा जब उन्हें मध्यकालीन इतिहास पढ़ाया जाता है तो ये चीजें अपने आप एक हिस्सा बन जाती हैं। इतिहास को विकृत कर दिया गया है, हमें वास्तविक इतिहास जानने के लिए उन्हें सिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में सती प्रथा पर सवाल क्यों पूछे जाते हैं?
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काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
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उन्होंने कहा, एएमयू और जेएनयू बाल विवाह और सती प्रणाली पर प्रश्न क्यों पूछते हैं? इस्लाम में भी ऐसे दोष हैं, जिन्हें उठाया जाना चाहिए। जब हम इस्लाम के इतिहास को सिखाते हैं तो हमें ऐसी भी चीजें बतानी होगी। संजय लीला भंसाली जैसे लोग छात्रों को इतिहास नहीं सिखाएंगे।
एमए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में ‘भारतीय राजनीतिक प्रणाली सैद्धांतिक और संरचनात्मक पहलू’ विषय के पेपर में भाजपा पर निबंध लिखने को कहा गया। सवाल को लेकर छात्र पहले तो सकते में आ गए लेकिन बाद में उन्होंने उसका जवाब दिया। हालांकि सोशल मीडिया पर यह पेपर बड़ी तेजी से वायरल भी हुआ। यही नहीं, आम आदमी पार्टी पर भी दो नंबर का सवाल पूछा गया। पेपर खत्म होने के बाद इसको सोशल मीडिया पर जैसे ही वायरल किया गया, बहस छिड़ गई।