आजमगढ़ जिले के फूलपुर कोतवाल से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले पशु तस्कर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान बदमाश ने बताया कि उसने बताया कि आखिर क्यों कोतवाल से रंगदार मांगी। बदमाश ने पूछताछ के दौरान ऐसे कई राज उगले जिससे पुलिस भी हैरान रह गई। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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- फोटो : अमर उजाला
इस पूरे मामले का एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को खुलासा किया। 16 दिसंबर को यूपी के आजमगढ़ जिले के फूलपुर कोतवाल के प्रभारी जितेंद्र कुमार राय से थाने के सीयूजी नंबर पर फोन करके 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रुपये न देने पर साथ ही रुपये न देने पर पिकअप चढ़ाकर मार डालने की धमकी भी दी थी। उसी दिन से पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी।
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Location
सर्विलांस सहित अन्य संसाधनों के जरिए रविवार की रात को उक्त मोबाइल का लोकेशन प्रतापगढ़ जिले के जेठवारा थाना क्षेत्र में मिला। बदमाश का लोकेशन मिलते ही कोतवाल फूलपुर नागेश उपाध्याय अपनी टीम के साथ उसे गिरफ्तार करने जेठवारा पहुंचे। पुलिस जैसे ही उसे पकडने के लिए घेराबंदी करने लगी। तभी वह पुलिस पार्टी पर फायर कर भागने लगा।
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पुलिस ने किसी तरह उक्त बदमाश को दबोचा। उसकी पहचान पशु तस्कर इसराख उर्फ जावेद के तौर पर हुई। वह फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के नेवादा गांव का निवासी है। वह प्रतापगढ़ जिले के जेठवारा थाना क्षेत्र के चमरुपुर गांव निवासी रामाश्रय के मकान को किराए पर लेकर रहता है।
पूछताछ के दौरान बदमाश ने बताया कि वह फूलपुर कोतवाली के पूर्व कोतवाल को समझकर धमकी देते हुए रंगदारी मांगा था। क्योंकि वे पशु तस्करी कराने के बदले में रिश्वत लेते थे। जहानागंज थाने के बजहां पुल के पास हुए एनकाउंटर में इसराख के गिरोह के सरगना शेराज और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया गया था। सरगना की गिरफ्तारी से इसराख बौखला गया और फोन कर कोतवाल को धमकी देते हुए रंगदारी मांगा। गिरफ्तारी प्रतापगढ़ जिले में होने की वजह से वहां की पुलिस ने केस दर्ज कर चालान कर दिया। आजमगढ़ की पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।