यूपी के आजमगढ़ में पत्नी-बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाला आरोपी भी पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया है। आरोपी को पुलिस ने सात घंटे तक बंधक बच्चों को छोड़ने और खुद के आत्मसमर्पण के लिए समझाया, लेकिन आरोपी ने पुलिस पर ही फायरिंग कर दी। पुलिस ने आरोपी को ढेर कर दिया।
आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पत्नी समेत तीन लोगों की हत्या के बाद तीन बच्चों को कमरे में बंधक बनाने वाले अरविंद कुमार ने पुलिस टीम पर भी गोलियां बरसा दीं। करीब सात घंटे तक पुलिस उसे आत्मसमर्पण के लिए समझाती रही। इसी दौरान कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज आई।
बच्चों की जान बचाने के लिए एसपी डॉ. अनिल कुमार, एसओजी प्रभारी संजय सिंह और आरक्षी प्रदीप ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। पुलिस के अंदर पहुंचते ही आरोपी ने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में अरविंद घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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वारदात के बारे में लोगों को बताता पंडितों के साथ आया युवक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खूनी घटनाक्रम की शुरुआत
वहीं, आरोपी की गोली से घायल नौ वर्षीय बेटे शौर्य सिंह की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे खूनी घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार को भाई की आत्मा शांति के लिए की जा रही पूजा के दौरान हुए विवाद से हुई। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी अरविंद सिंह ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की हत्या कर दी। उसने पूजा के लिए आए दो पुजारियों को भी बेरहमी से मार डाला। यह जघन्य वारदात यहीं नहीं रुकी।
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मौके पर कमरा खुलवाने का प्रयास करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सात घंटे का मान-मनौव्वल और गोलीबारी
तीन हत्या करने के बाद आरोपी अपने बच्चों को लेकर घर के अंदर चला गया। उसने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। घर के अंदर उसके तीन मासूम बच्चे मौजूद थे, जो इस भयावह स्थिति के गवाह बन गए। करीब सात घंटे तक पुलिस ने आरोपी अरविंद से बातचीत करती रही। पुलिस का मुख्य प्रयास था कि बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और आरोपी भी आत्मसमर्पण कर दे।
कई घंटे तक बातचीत चलने के बाद अचानक घर के अंदर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। इस अप्रत्याशित घटना से पुलिस को अंदेशा हुआ कि अब हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल ऑपरेशन शुरू करने का फैसला लिया। घर में प्रवेश के लिए पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और टियर गैस ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही दरवाजा तोड़ा गया। पुलिस अंदर दाखिल हुई तो आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
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Azamgarh
- फोटो : ANI
पुलिस की जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपी का एनकाउंटर किया
पुलिस के अनुसार, पुलिस टीम के अंदर पहुंचते ही आरोपी अरविंद सिंह ने गोलियां बरसा दीं। उसने लगातार चार-पांच राउंड फायर किए। आरोपी के पास छह राउंड की रिवॉल्वर थी और उसने अपनी सभी गोलियां चला दी थीं।
पुलिस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीन-चार राउंड फायरिंग हुई। कुछ ही देर में आरोपी घायल हो गया। पुलिस आरोपी और उसकी गोली से घायल हुए उसके बेटे को अस्पताल लेकर पहुंची। डॉक्टरों ने आरोपी अरविंद को मृत घोषित कर दिया, वहीं, बेटे की इलाज के दौरान मौत हो गई।
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आजमगढ़ में चार की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक, अंदर का मंजर बेहद गंभीर था, जहां आरोपी का दस साल का बेटा पहले ही गोली लगने से घायल हो चुका था। वहीं, आरोपी के साथ मौजूद दो अन्य बच्चों में से एक बच्ची उसके हाथ से नीचे गिर गई थी।
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मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
एसपी डॉ अनिल कुमार ने बताया कि मंगलवार को शंभूपुर गांव में अरविंद कुमार ने अपनी पत्नी बबिता सिंह और अनुष्ठान में शामिल अखिलेश मिश्रा और महेंद्र पाठक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह अपने तीन बच्चों और लाइसेंसी हथियार के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गया।
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आरोपी अरविंद और पत्नी बबीता की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस और परिजनों ने अरविंद को आत्मसमर्पण करने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए काफी देर तक समझाने का प्रयास किया। वह बच्चों को भी गोली मारने की धमकी दे रहा था। करीब सात घंटे बाद कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए एसपी समेत पुलिस टीम ने तत्काल दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया।
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तीनों मृतकों की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अंदर आरोपी का नौ वर्षीय बेटा शौर्य सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल मिला। उसे तत्काल लाइफ लाइन अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसी दौरान अरविंद ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद घायल हो गया।
अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई। पुलिस टीम ने कमरे से 10 वर्षीय पुत्री परी और छह माह की बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बड़ी बेटी की कोहनी के पास मामूली खरोंच आई है। परिजनों ने बताया कि अरविंद की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी और भूत-प्रेत की बाधा दूर करने के लिए घर में पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान कराया जा रहा था।
घटना के दिन अनुष्ठान का चौथा दिन था। पुलिस ने सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह भी कई घंटे घटनास्थल पर मौजूद रहे और पुलिस टीम को दिशा-निर्देश देते रहे।