ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं द्वारिका शारदापीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने नसीहत दी है कि राजधर्म निभाएं और सबसे पहले कोरोना से मुक्ति दिलवाएं। कहा कि भगवान श्रीराम का मंदिर बनाए जाने से हमें कोई आपत्ति नहीं है परंतु भगवान की जन्मस्थली में गर्भगृह के आग्नेय कोण में भगवान के बालरूप की स्थापना की जानी चाहिए। शास्त्रोक्त विधि-विधान से इसका निर्माण होना चाहिए। तो ऐसे में सरकार असली समस्या से लोगों का ध्यान भटकाते हुए अशास्त्रीय रीति से शिलान्यास करने जा रही है। यह कार्य तो देवोत्थान एकादशी के उपरांत उचित मुहूर्त देखकर भी हो सकता है।
कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक तो देवशयन के समय में बिना मुहूर्त के ही मंदिर का निर्माण आरंभ करा रहा और दूसरी ओर कोरोना महामारी से पीडि़त देश से हर्ष प्रदर्शित करने के लिए दीपोत्सव मनाने का सरकार भी आदेश जारी कर रही।