वाराणसी में आज शहरवासियों और पर्यटकों के लिए परेशानी बढ़ी हुई है। मंगलवार से शुरू ऑटो चालकों का हड़ताल आज दूसरे दिन भी जारी है। बुधवार सुबह से नाविकों की ड़ताल के कारण नौका संचालन पूरी तरह बंद है।
काशी के प्रसिद्ध घाटों का दीदार करने के लिए देसी-विदेशी सैलानी वाराणसी में हैं। इस बीच नाविकों की हड़ताल के चलते इन सैलानियों का मजा किरकिरा हो गया। वहीं ऑटो चालकों की हड़ताल से शहरभर में यात्री बेहाल हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : अमर उजाला
पर्यटकों की गंगा में नौका विहार की हसरत अधूरी रह गई। नावों का संचालन न होने से सैलानी निराश दिखे। नाविकों ने गंगा में स्टोरी टेलिंग क्रूज और विश्वनाथ मंदिर दर्शन करने के लिए फेरी के संचालन के विरोध में हड़ताल की है।
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- फोटो : अमर उजाला
ऑटो चालकों ने शहर में कई स्थानों पर ऑटो के लिए नो एंट्री के खिलाफ हड़ताल शुरू की है। ऑटो चालकों की हड़ताल के कारण यात्री बेहाल हैं। हड़ताल के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं, मरीजों, व अन्य यात्रियों को यात्रा करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा असर कैंट स्टेशन और रोडवेज पर नजर आ रहा है। बाहर से आए लोग महंगे दाम में टैक्सी बुक कर अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
मां गंगा निषादराज सेवा समिति के बैनर तले जुटे मल्लाहों ने आरोप लगाया कि प्रशासन मल्लाहों के हितों की अनदेखी कर रहा है। इससे नौकायन पर गुजर करने वाले करीब 40 हजार मल्लाह परिवारों के सामने मुश्किलें पैदा हो गई हैं। अगर प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी तो काशी के मल्लाह, मछुआरे बेमियादी हड़ताल के लिए बाध्य होंगे।
ऑटो चालकों का कहना था कि कुछ दिनों पूर्व शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए वाराणसी जिला प्रशासन ने मुख्य चौराहों के आसपास जगह-जगह ऑटो के लिए नो एंट्री का नियम बना दिया है। इससे ऑटो चालकों को सवारियां चढ़ाने व उतारने में परेशानी हो रही है। कई बार तो चालकों की सवारियों से झड़प भी हो रही है।