क्रिकेट की दुनिया में अगर बेजोड़ कप्तानी और सर्वकालिक महान आलराउंडर की बात हो तो आस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ का नाम कोई नहीं भूल सकता। लेकिन, यह कम ही लोग जानते होंगे कि स्टीव जितने महान क्रिकेटर, उतने ही बेहतरीन इंसान भी हैं। उनकी इंसानियत की एक झलक मंगलवार को काशी ने देखी। आगे की स्लाइड्स में जानें किसका किया अस्थि विसर्जन?
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steve baugh
- फोटो : amar ujala
यहां उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से मोक्षतीर्थ मणिकर्णिका घाट पर अस्थि विसर्जन किया। वह बंगलौर से यहां पहुंचे थे और करीब चार घंटे प्रवास के दौरान घाट से लेकर संकरी गलियों तक को उन्होंने निहारा। अस्थि विसर्जन के बाद चार घंटे रुकने के बाद वह दिल्ली लौट गए।
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स्टीव के मित्र स्टीफन ऑस्ट्रेलिया में इस्कॉन मंदिर के फॉलोअर रहे हैं। स्टीव उनकी भक्ति देखकर उनसे काफी प्रभावित हुए थे। स्टीफन की अंतिम इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज से किया जाए। चार महीने पहले स्टीफन की मौत हो गई।
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स्टीव के साथ उनके बिजनेस पार्टनर जॉनसन भी थे। दोनों नाव में बैठकर कर्मकांडी ब्राह्मण के साथ महाश्मशान मणिकर्णिका घाट के ठीक सामने पहुंचे। 20 मिनट तक पूजा के बाद अस्थि विसर्जन कर दिया गया। इससे पहले स्टीव ने चुपके से घाटों पर घूमकर साधुओं और घाटों पर बने देवी-देवताओं के चित्रों की फोटो खींची।
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नाव से भी उन्होंने गंगा घाटों के दृश्याें को कैमरे में कैद किया। श्मशान की जलती चिताओं को वो काफी देर तक देखते रहे। क्रिकेट पर बात करने की कोशिश की गई पर उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि वह आज इस मुद्दे पर कोई बात नही करेंगे क्योंकि वह यहां अस्थिविसर्जन को आए हैं।
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स्टीव वॉ के सारे कार्यक्रम को संचालित कर रहे ट्रैवेल कंपनी होली वायजेज के संतोष सिंह ने बताया कि उनको एक रात वाराणसी में ही रुकना था। घाट किनारे एक होटल में बुकिंग भी थी। आठ तारीख को होने वाले चुनाव की जानकारी होने पर वह आज ही निकल गए।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वा ने हाल ही में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को ‘गेंदबाजी का ब्रैडमैन’ करार दिया था। उन्होंने भारत दौरे पर ऑस्ट्रेलियाई टीम को अश्विन से सावधान रहने की जररूत बताई थी।