घोसी सांसद अतुल राय को विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए सियाराम चौरसिया की कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में शनिवार को बरी कर दिया। यूपी कॉलेज की पूर्व छात्रा की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोर्ट ने 101 पेज के आदेश में कोर्ट ने कहा कि पीड़िता ने जो साक्ष्य और सबूत दिए हैं और जो बात कहीं, वह विश्वसनीय नहीं है। विवेचना, परिस्थितियों और साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए सांसद अतुल को दोषमुक्त किया जाना न्यायसंगत है।
रिहाई का आदेश नैनी कारागार और बरी होने की जानकारी लोकसभा अध्यक्ष को भी भेजी है। नैनी सेंट्रल जेल में बंद सांसद अतुल राय वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए। अदालत ने अपील के मद्देनजर सांसद को एक लाख के बंधपत्र और इतनी ही धनराशि के दो जमानतदार देने को कहा है। इस दौरान अधिवक्ता अनुज यादव व दिलीप श्रीवास्तव, पिता भरत सिंह, भाई पवन सिंह और समर्थक मौजूद रहे। हालांकि दुष्कर्म पीड़िता को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित मामले में साजिशकर्ता के तौर पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज मुकदमे में अतुल राय को अभी जमानत नहीं मिली है। फिलहाल अतुल जेल में ही रहेंगे।