वाराणसी में मंदिरों में अन्नकूट सजा। इस दौरान काशी के मंदिर में छप्पन भोग और 108 प्रकार के व्यंजनों का चढ़ावा चढ़ा और इस विशेष आकर्षण को देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ जमा हुई। बताते चलें कि मां अन्नपूर्णा की स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन का अंतिम दिन रहा। इस महाप्रसाद के चढ़ावे के साथ ही रात बारह बजे के बाद मंदिर का कपाट बंद होगा और अगले साल प्रतिमा का दर्शन मिलेगा। भक्तों ने लड्डू प्रसाद को प्राप्त किया और मां अन्नपूर्णा के साथ बड़ा गणेश मंदिर में भी अन्नकूट सजा जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना।
विज्ञापन
1 of 10
माता अन्नपूर्णा की स्वर्णमयी प्रतिमा
- फोटो : Amar Ujala