उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा के किनारे और बीच में रेत के टीले में दफनाए गए शवों को कुत्तों द्वारा नोचने, अंग दूर तक फैलाने, संक्रमण के बढ़ते खतरे और अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए प्रशासन शुक्रवार को भी सक्रिय रहा। बीघापुर तहसील के एसडीएम और फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील की एसडीएम राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। खुले शवों पर रेत डलवाई गई। लाशों के कफन हटवा दिए गए। नक्शे के आधार पर जांच की गई तो सैकड़ों शव दफनाए जाने वाला टीला फतेहपुर जिले की सीमा में पाया गया। हालांकि प्रशासन ने श्मशान घाट पर शव दफनाने पर रोक लगाते हुए सभी पंडों को दाह संस्कार कराने के लिए कहा है। आवश्यकता होने पर शव को कम से कम छह फिट गहराई में ही दफन कराने को कहा है।
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रेत के टीले मे दफन हैं सैकड़ों शव
- फोटो : amar ujala
बक्सर श्मशान घाट पर नदी के किनारे और नदी के बीच बालू के टीले पर दफन किए गए सैकड़ों शवों को कुत्तों द्वारा नोचने की खबर बुधवार को प्रकाशित होने के बाद शासन और प्रशासन में हड़कंप मच गया था। डीएम रवींद्र कुमार ने जांच के आदेश दिए तो अधिकारी हरकत में आए। एसडीएम बीघापुर दयाशंकर पाठक व सीओ कृपाशंकर कनौजिया बुधवार रात में ही मौके पर पहुंचे थे।
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शवों से कफन हटाते लोग
- फोटो : amar ujala
जांच के बाद रात में शव दफनाने पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। गुरुवार सुबह बीघापुर एसडीएम दयाशंकर पांडेय और फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील एसडीएम प्रियंका पुलिस व राजस्व टीम के साथ श्मशान घाट पहुंच गए। दोनों जिले के अधिकारी काफी देर तक सीमा विवाद में उलझे रहे।
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शवों को फिर से दफन करने के लिए खुदाई करता कर्मचारी
- फोटो : amar ujala
उन्नाव प्रशासन ने रेत के टीले को फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील में बताया। नक्शे के आधार पर भी निशान लगाकर पैमाइश की गई। बिंदकी और बीघापुर एसडीएम ने मोटर बोट से नदी के बीच स्थित रेत के टीले का जायजा लिया। इसके बाद टीले व नदी के किनारे दफनाए गए शवों के ऊपर से कफन हटवाकर बालू डलवाई गई। शव दफनाने पर रोक के आदेश पर अमल के लिए लेखपाल संजीव कुमार पांडेय और चौकी पुलिस के सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। श्मशान घाट पर लाए जाने वाले शवों का पूरा ब्योरा भी रजिस्टर में दर्ज करने को कहा गया है।
नजारा देख कांप गई पुलिस वालों की रूह
- फोटो : amar ujala
फतेहपुर से नहीं लाए गए शव
बक्सर घाट पर उन्नाव के अलावा फतेहपुर और रायबरेली जिले से भी शव अंतिम संस्कार के लिए लाए जाते हैं। हालांकि गुरुवार को फतेहपुर जिले की ओर से आने वाले शवों का अंतिम संस्कार उसी के सीमा क्षेत्र में कराया गया। गुरुवार को सुबह से शाम पांच बजे तक 25 शव श्मशान घाट लाए गए। सभी का दाह संस्कार कराया गया। एसडीएम बीघापुर ने दावा किया कि उन्हें जांच के दौरान कोई भी शव खुला नहीं मिला। न ही शव के अंग खुले या बिखरे हुए मिले। कुत्ते भी शवों के आसपास नजर नहीं आए। नदी में जल धारा के बीच स्थित टीला फतेहपुर जिले की सीमा में है।