फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao Case: बुआ भतीजी की हत्या के खुलासे पर परिजनों ने उठाए सवाल फिर कहा, बंधे थे किशोरियों के हाथ

Sat, 20 Feb 2021 10:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
विज्ञापन
1 of 5
उन्नाव केस: परिजनों ने खुलासे पर उठाए सवाल - फोटो : amar ujala
उन्नाव में एक मृतका किशोरी के पिता व भाई ने पुलिस के खुलासे को अधूरा बताया है। उन्होंने फिर कहा है कि किशोरियों के हाथ बंधे थे। जिस जगह किशोरियों को जहरीला पानी पिलाने का पुलिस दावा कर रही है, वहां आसपास के किसानों का आना-जाना रहता है।

 
विज्ञापन

2 of 5
उन्नाव केस: आरोपियों को कोर्ट में किया गया पेश - फोटो : amar ujala
दो आरोपी तीन किशोरियों को बेहोशी हालत में खेत तक कैसे ले जा सकते हैं। उन्होंने घटना में अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही है। मुंबई व सूरत में रहकर नौकरी करने वाले एक मृतका के दो भाई अंतिम संस्कार के बाद देर शाम घर पहुंचे।

 
विज्ञापन

3 of 5
उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
भाइयों व मृतका के पिता का आरोप है कि पुलिस ने अधूरा खुलासा किया है। घटना में और लोग भी शामिल हैं। उन्हाेंने पुलिस से निष्पक्ष विवेचना करने व अन्य आरोपियों को सामने लाने की बात कही है। पिता ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस का शक परिवार के लोगों पर था।

 

4 of 5
उन्नाव कांड: घटना के बाद घर में छाया मातम - फोटो : अमर उजाला
बेटी की मौत के गम से जूझ रहे परिवार के लोगाें को पुलिस की दहशत का भी सामना करना पड़ा है। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के बयान के आधार पर खुलासा किया गया है। विवेचना अभी बंद नहीं हुई है। अब तक के मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। भर्ती किशोरी के होश में आने के बाद उसके बयान भी अहम होंगे। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
उन्नाव केस: बच्चियों का शव देख बदहवास पिता - फोटो : amar ujala
एमएलसी बोले, बयानों में विरोधाभास 
सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन ने शनिवार शाम प्रतिनिधिमंडल के साथ मृतका के परिजनों से मिलने के बाद एक बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि पीड़ित परिवार से अलग-अलग बात की गई है। लगता है सारे दोषी अभी पकड़े नहीं गए हैं। जीवन से जूझ रही किशोरी से किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी साझा नहीं की जा रही है। पुलिस और परिवार के लोगों के बयानों में विरोधाभास है। यह खुलासा लखनऊ में बैठे अधिकारियों को खुश करने के लिए हुआ है, न्याय के लिए नहीं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें