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अपहरण के बाद बच्चे का कत्ल: कातिल आसिफ की करतूत में शामिल था परिवार... सामने आया चौंकाने वाला सच; तस्वीरें

Thu, 28 Nov 2024 03:16 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर

सार

यूपी की सुल्तानपुर में कारोबारी के मासूम बेटे की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। कर्ज में फंसे पड़ोसी ने ही घटना को अंजाम दिया। आरोपी पड़ोसी नेपांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने शव बरामद कर लिया है। रस्सी से बालक के हाथ-पैर बंधे थे। मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था।
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UP Sultanpur - फोटो : अमर उजाला
सुल्तानपुर शहर के गांधीनगर मोहल्ले में उसामा के अपहरण और हत्या की वारदात से सभी स्तब्ध हैं। आसिफ की करतूत में उसके घरवाले भी शामिल हैं, इसको लेकर बुधवार सुबह से ही चर्चा शुरू हो गई थी। दोपहर बाद पुलिस ने जब उसके पिता, चाचा-चाची और चचेरी बहन को भी जेल भेज दिया तो इस पर मुहर भी लग गई।

हत्यारोपी आसिफ का कमरा मकान के पहले तल पर है। घर के भीतर से छत पर जाने के लिए सीढ़ी है। उसके घर पर पिता ताज मोहम्मद उर्फ बब्बू के अलावा दादी शाहजहां, चाचा सलीम, चाची रिजवाना, चचेरा भाई अयान व पुत्री शीबी रहती है। 
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आरोपी आसिफ - फोटो : संवाद
आसिफ की पत्नी दो माह पहले मायके चली गई थी। पुलिस की जांच में ये पता चला कि 25 नवंबर की रात जब आसिफ बालक को लेकर अपने कमरे में गया तो इस बात की जानकारी उसके पिता, चाचा-चाची और चचेरी बहन को हो गई थी। 

हत्या किए जाने की बात इन्हें पता थी, लेकिन ये चारों लगातार खुद को बेकसूर बता रहे थे। बाद में जब सभी को कोतवाली लाया गया और आसिफ से आमना-सामना कराया गया तो सच सामने आ गया। जांच में परिवार के दो अन्य सदस्यों की वारदात में संलिप्तता फिलहाल सामने नहीं आई है।
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मोहम्मद उसामा की फाइल फोटो - फोटो : संवाद
फल और पौधे बेचता है हत्यारोपी
आसिफ फल और सब्जी बेचता है। वह सट्टा खेलता है। उसने जुए में काफी धनराशि गवां दी थी और कर्ज में डूब गया था। इसके चलते उसने अपहरण और हत्या की वारदात कर डाली। पुलिस की पूछताछ में उसने ये बात कबूल की है।

ई-रिक्शा चालक और दिव्यांग के मोबाइल से मांगी फिरौती
कोतवाल नारदमुनि सिंह के मुताबिक, मंगलवार को दिन में आसिफ ने भुलकी बाइपास के पास एक ई-रिक्शा चालक से काल करने के लिए मोबाइल मांगा और फिर बाइक से भाग निकला। उसके बाद उसी दिन उसने बाइपास के पास ही धम्मौर के एक दिव्यांग का मोबाइल छीन लिया, जिसका मुकदमा कोतवाली देहात में दर्ज है। 

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मासूम की हत्या पर विपाल करता परिवार - फोटो : संवाद
इन्हीं दोनों नंबरों से वह फिरौती मांग रहा था। काल करने के तुरंत बाद वह मोबाइल स्विच ऑफ कर देता था। उसने फिरौती की आखिरी कॉल अपने घर के पास से की थी, तभी पुलिस ने गांधी नगर मोहल्ले को खंगालना शुरू किया।

सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से मिली मदद
पुलिस ने इन दोनों मोबाइल नंबरों के बारे में जानकारी इकट्ठा की और ई-रिक्शा चालक व दिव्यांग को पूछताछ के लिए बुलाया। इसी बीच एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज हाथ लगी, जिसमें 25 नवंबर की रात उसामा आसिफ के साथ जाता दिखा। आसिफ की फोटो उन दोनों को दिखाई गई, जिसे उन्होंने तुरंत पहचान लिया। बस वहीं से आसिफ पर पुलिस ने नजरे गड़ा दीं।
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पीड़ित व्यापारी के घर के बाहर मौजूद लोग - फोटो : संवाद
आसिफ को पकड़ने के लिए उसके दोस्त से ली मदद
हत्यारोपी आसिफ का अपने घर आने-जाने का समय निर्धारित नहीं था। मंगलवार रात तक की तहकीकात में ये पता चल गया था कि उसामा को मोहल्ले के बाहर नहीं ले जाया गया, क्योंकि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा चुके थे। ये शंका थी कि आसिफ ने बच्चे को घर पर ही रखा होगा। मंगलवार देर रात आसिफ के दोस्त के जरिए उसके घर आने के समय के बारे में पता किया गया। पता चला कि रात एक बजे तक आसिफ घर आ जाएगा। उसके आते ही पुलिस ने दबिश दी। जिसके बाद हत्या की कड़ियां जुड़ गईं।
 
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