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UP News: पिता की मौत पर बेटे ने मनाया जश्न, नाचते गाते पहुंचा श्मसान घाट; चर्चा में अनोखा अंतिम संस्कार

Fri, 03 Jan 2025 05:30 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर

सार

यूपी से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां पिता की मौत पर बेटे ने जश्न मनाया। वह साथियों संग नाचते गाते श्मसान घाट पहुंचा और अंतिम संस्कार किया। आगे पढ़े और जानें पूरा मामला...
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पिता की मौत पर बेटे ने मनाया जश्न - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
यूपी के सुल्तानपुर से एक अनोखे अंतिम संस्कार का मामला सामने आया है। यहां पिता की मौत पर बेटा रोया नहीं, बल्कि जश्न मनाया। वह ढोल-नगाड़े के बीच साथियों संग नाचते गाते श्मसान घाट पर पहुंचा। इसके बाद खुश होकर अंतिम संस्कार किया। मामले का वीडियो सामने आया तो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।  

मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के नारायणपुर वार्ड के दुर्गापुर मोहल्ले का है। यहां के निवासी रामकिशोर मिश्रा का करीब 20 दिन पहले निधन हो गया था। उनकी आयु 80 वर्ष से अधिक थी। बेटे श्रीराम ने अनोखे तरीके से उनका अंतिम संस्कार किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई। 

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अर्थी को सजाकर निकाली गई अंतिम यात्रा - फोटो : वीडियो ग्रैब
श्रीराम ने पिता की मौत पर रोने की बजाय उनके गोलोकवाशी होने पर जश्न मनाया। उन्होंने ढोल बजवाया। ढोल के बीच साथियों संग नाचते गाते पिता की अर्थी को श्मसान घाट तक ले गए। पिता की अर्थी पर उसी तरह नोट लुटाए, जिस तरह कोई आम आदमी शादी-विवाह की खुशी में नोट लुटाता है। वहां पर खुश होकर विधि विधान से पिता का अंतिम संस्कार किया।  
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तेरहवी पर डीजे बजवाकर किया भोज - फोटो : वीडियो ग्रैब
इसके बाद तेरह दिनों तक विधि विधान से क्रिया-कर्म संपन्न किए। यही नहीं तेरहवीं के दिन किसी शादी कार्यक्रम की तरह ही डीजे बजवाया। डीजे में नाचते गाते, खुशियां मनाते लोगों को भोज में खाना खिलाया। यानी पिता के गोलोकवाशी होने पर उनके अंतिम क्रिया कर्मों को किसी शादी विवाह की तरह संपन्न किया। 
 

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साथियों संग नाचते गाते निकाली अंतिम यात्रा - फोटो : वीडियो ग्रैब
इसके पीछे श्रीराम के क्या विचार थे, इस पर उन्होंने कहा कि इस नश्वर संसार से जो विदा होता है, वह दोबारा यहां नहीं आता। मेरे पिता गोलोकधाम को पधारे हैं। उनकी यह अंतिम बरात थी। अब उन्हें यहां दोबारा नहीं आना। इसलिए उन्हें रोकर नहीं बल्कि हंसते गाते हुए विदा किया है।
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तेरहवीं पर डीजे पर डांस करते परिवारीजन - फोटो : वीडियो ग्रैब
बेटे श्रीराम ने कहा कि लोग स्वार्थ के वश में होकर अपनों के जाने पर दुख व्यक्त करते हैं। जो सिर्फ एक दिखावा होता है। उनका मानना है कि किसी को भी रोते हुए इस संसार से विदा नहीं करना चाहिए। रोने से जाने वाली की आत्मा को दुख होता है।  
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