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UP: सोनभद्र हादसे को 55 घंटे, 48 घंटे के रेस्क्यू में मिली सात मजदूरों की लाशें, कई लापता; मुआवजे का आश्वासन

Mon, 17 Nov 2025 09:20 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

Sonbhadra Mine Accident: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में बीते शनिवार की दोपहर करीब तीन बजे हुए हादसे में मरने वालों की संख्या सात हो गई है। अन्य लोगों की तलाश जारी है। 70 टन का मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।
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बिलखती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
UP News: ओबरा के बिल्ली मारकुंडी स्थित मेसर्स श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की पत्थर खदान में चट्टान धसकने से हुए हादसे में मलबे के नीचे दबे छह और शव सोमवार को निकाले गए। इसमें दो सगे भाइयों के शव भी शामिल हैं। इससे पहले रविवार की रात में एक शव मिला था। हादसे में मरने वालों की संख्या सात हो गई है। एक की पहचान गुलाब उर्फ मुंशी निवासी टोला जकहवा, ग्राम परसोई के रूप में हुई।

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श्री कृष्णा माइनिंग में चल रहा था काम। - फोटो : अमर उजाला
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का पिछले 48 घंटे से चल रहा संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मलबे के नीचे कुछ अन्य मजदूरों के भी दबे होने की आशंका है। प्रशासन के मुताबिक, अभी एक मजदूर लापता है। हालांकि मलबे में किसी अन्य के न दबे होने की संतुष्टि तक राहत कार्य जारी रहेगा।
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माैके पर मोजूद अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
शनिवार की दोपहर बाद खदान में ड्रिलिंग के दौरान चट्टान गिरने से मजदूर मलबे में दब गए थे। इनकी संख्या 15 बताई जा रही है। घटना के बाद से पुलिस-प्रशासन की निगरानी में एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीम राहत कार्य में जुटी हुई। रविवार की रात में करीब 2 बजे एक शव मिला था। 

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हादसे के बाद माैके पर रेस्क्यू ऑपरेशन। - फोटो : अमर उजाला
उसकी पहचान अमरेनिया निवासी राजू गोंड के रूप में हुई थी। अन्य मजदूरों की तलाश में लगे बचाव दल को दूसरी सफलता रविवार की देर रात करीब 11 बजे मिली। इसके बाद सुबह पांच बजे तक तीन अन्य शव भी मलबे से बाहर निकाले गए। 
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डीएम ने लिया घटनास्थल का जायजा। - फोटो : अमर उजाला
इनकी पहचान पनारी गांव के करमसार टोला निवासी इंद्रजीत यादव (32), उसके भाई संतोष यादव (30), कोन के पिपरखाड़ गांव के परसवा निवासी रविंद्र उर्फ़ नानक और पनारी के ही खड़री टोला निवासी रामखेलावन (40) के रूप में हुई। सभी शवों का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया।
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हादसे के बाद माैके पर बैठी महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
डीएम बद्रीनाथ सिंह ने बताया कि पनारी के करमसार टोला निवासी कृपाशंकर (32) भी लापता हैं। उनके अभी मलबे में दबे होने की आशंका है। बचाव दल तलाश में जुटा है। इसके अलावा अन्य कितने मजदूर दबे हैं, यह स्पष्ट नहीं है। यह रेस्क्यू ऑपरेशन तब तक चलता रहेगा, जब तक यह संतुष्टि नहीं हो जाती कि अंदर अन्य कोई दबा नहीं है।
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घायल मजदूर को लेकर जाते हुए। - फोटो : अमर उजाला
चोपन में सोन नदी के तट पर एक साथ जले तीन शव
खदान में दबे मजदूरों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया। करमसार निवासी इंद्रजीत यादव, उसके भाई संतोष यादव और इसी गांव के राम खेलावन के शव का अंतिम संस्कार चोपन में सोन नदी के तट पर किया गया। वहीं कोन के परसवा निवासी रवींद्र (18) का अंतिम संस्कार कोन में कुड़वा में पांडू नदी के किनारे किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिजन व राजनीतिक दल के लोग मौजूद रहे।

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इंद्रजीत, संतोष, राजू और रविंद्र उर्फ गगन की फाइल फोटो व मौके पर रोते- बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
अविवाहित था रवींद्र
बिल्ली मारकुंडी में हुए खनन हादसे में जान गंवाने वाला रवींद्र ग्राम पंचायत पिपरखाड के टोला परसवा गांव का निवासी था। सोमवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर पहुंचा। रवींद्र अविवाहित था। परिवार में माता-पिता हैं। शव पहुंचते ही राजस्व की टीम व पुलिस प्रशासन के साथ भाजपा नेताओं ने पहुंच कर परिवार वालों को ढांढस बंधाया। इस दौरान परिवार को आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई गई। 
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद मृतकों के परिजन व पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
मंडल अध्यक्ष भाजपा रामलाल चेरो ने बताया कि इस दुख की घड़ी में पूरा भाजपा मंडल परिवार के साथ है। इस अवसर पर पूर्व ब्लाॅक प्रमुख वंशीधर, अलखनारायण शुक्ला, मनोज तिवारी, महिपत गोंड, मनोज यादव, ग्राम प्रधान संजय पासवान आदि मौजूद रहे।
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