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UPMSP Result 2026: हर दर्द पर भारी पड़ी मेहनत, बीमार मां और किसान पिता ने दिया हौसला; कशिश ने रच दिया इतिहास

Thu, 23 Apr 2026 06:22 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर

सार

upresults.nic.in, upmsp.edu.in, digilocker, sarkari result: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं। सीतापुर की कशिश वर्मा ने 10वीं में यूपी टॉप किया। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने अपने सपनों के बारे में खुलकर बताया। आगे पढ़ें और जानें 10वीं टॉपर क्या बनना चाहती हैं?
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10वीं की टॉपर कशिश वर्मा। - फोटो : अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी
UP Board Result 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं। इस साल लगभग 52 लाख छात्रों ने परीक्षा दी है। परिणाम आते ही छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर दौड़ गई।

सीतापुर की कशिश वर्मा ने 97.83 फीसदी अंकों के साथ 10वीं में यूपी टॉप किया। वह महमूदाबाद स्थित बाबू राम सावित्री देवी स्कूल की छात्रा हैं। उन्हें 600 में 587 अंक मिले हैं। परिणाम आने के बाद से घर में खुशी का माहौल है। आसपास के लोगों ने घर पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। लोग बधाई देने के लिए उन्हें लगातर फोन करते रहे। उनके फोन की घंटी लगातार घनघनाती रही।  
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10वीं में प्रदेश टॉपर कशिश वर्मा को मिठाई खिलाते घरवाले। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

शिक्षक बनना चाहती हैं कशिश

अमर उजाला से कशिश ने बताया कि उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। मां गृहिणी हैं। वह बीमार रहती हैं। पिता किसान पुतान खेती करके परिवार का पालन पोषण करते हैं। वह हमेशा उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। हमेशा उनका हौसला बढ़ाते हैं।
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कशिश वर्मा के स्कूल में जश्न का माहौल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
माता-पिता के सपनों को साकार करने के लिए वह कड़ी मेहनत करती हैं। उन्होंने प्रतिदिन सुबह 7 बजे से लेकर रात 11 बजे तक पढ़ाई की है। इसमें स्कूल का भी समय जुड़ा है। वह शिक्षक बनना चाहती हैं।

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एक दूसरे को मिठाई खिलाते शिक्षक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कशिश वर्मा की सफलता सिर्फ अंकों की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष और हौसले की एक ऐसी मिसाल है जो हर किसी के लिए उदाहरण है। उन्होंने 97.83 फीसदी अंक हासिल करके प्रदेश में टॉप किया। उनके लिए यह लक्ष्य आसान नहीं था, इस उपलब्धि के पीछे अनगिनत मुश्किलें छिपी हैं। 
 
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कशिश वर्मा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घर की आर्थिक स्थिति कमजोर, मां की खराब तबीयत और सीमित संसाधनों के बावजूद कशिश ने हार नहीं मानी। वह बताती हैं कि उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा उनकी मां हैं। उनकी बीमारी ने उन्हें और मजबूत बनाया। पिता खेती करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं, ऐसे में उन्होंने पढ़ाई को ही अपने सपनों का रास्ता बनाया। 

कशिश का सपना शिक्षक बनकर समाज को नई दिशा देना है। वह मानती हैं कि शिक्षा ही वह ताकत है, जो हर मुश्किल को आसान बना सकती है। उनकी यह सफलता उन तमाम बेटियों के लिए उम्मीद की किरण है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को जिंदा रखती हैं।

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