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UP: आबकारी निरीक्षक की मौत मामले में बड़ा खुलासा, सिर में फंसी थी गोली; पोस्टमार्टम में सामने आई ये बात

Thu, 03 Apr 2025 11:43 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर

सार

सीतापुर में आबकारी निरीक्षक की मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आबकारी निरीक्षक के सिर में ही गोली फंसी हुई थी। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच किया। 
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आलोक अपने परिवार के साथ (फाइल फोटो।) - फोटो : amar ujala
सीतापुर की शहर कोतवाली निवासी आबकारी निरीक्षक का बुधवार को गोपाल घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बेटे अयान ने मुखाग्नि दी। इस बीच बड़ी संख्या में परिजन और उनके साथी मौजूद रहे। शहर के मोहल्ला शिवपुरी निवासी आलोक कुमार श्रीवास्तव का शव उनकी कार में मंगलवार को वैदेही वाटिका के पास पाया गया था। 

सिर में गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी। वह बांदा जिले में तैनात थे। उनकी पत्नी अमृता श्रीवास्तव भी बांदा में सहायक आबकारी आयुक्त हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों का प्रेम विवाह हुआ था। 
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परिवार के साथ मृतक आलोक श्रीवास्तव की फाइल फोटो - फोटो : संवाद
सिर में ही फंसी हुई थी गोली
घटना के बाद देर रात करीब एक बजे शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिर में ही गोली फंसी हुई थी। सुबह करीब 11 बजे उनका शव गोपालघाट स्थित श्मशान घाट ले जाया गया, जहां बेटे ने उनका अंतिम संस्कार किया। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 
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जिला अस्पताल में मौजूद पुलिस व अन्य - फोटो : संवाद
जांच के लिए भेजा जाएगा सुसाइड नोट 
सीओ सिटी अमन सिंह ने बताया कि आलोक के पास से मिले सुसाइड नोट को जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके साथ ही जो महिला घटना के बाद से शव को लेकर आई उसके बारे में भी पूछताछ की गई, लेकिन मृतक की पत्नी ने बताया कि महिला से उनके पति व अन्य सदस्यों की बात होती रही है। इसलिए उनको महिला पर कोई भी शक नहीं है।

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पीएम हाउस में मौजूद फॉरेंसिक टीम - फोटो : संवाद
आबकारी निरीक्षक ने की खुदकुशी
सीतापुर में बांदा के आबकारी निरीक्षक आलोक कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार दोपहर बाद सीतापुर में कार को भीतर से लॉक करके गोली मार ली। कार में ही उनका सर्विस रिवॉल्वर भी मिला। पिता ने मैकेनिक से कार का लॉक खुलवाकर उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने आलोक को मृत घोषित कर दिया। उनकी बांयी कनपटी पर गोली लगी है। पुलिस ने महिला दोस्त को संदिग्ध मान पूछताछ की। उसके दुपट्टे में ही सुसाइड नोट फंसा मिला था। आलोक शिवपुरी मोहल्ले के रहने वाले थे। बांदा जनपद में आबकारी निरीक्षक के पद पर तैनात थे। पत्नी अमृता श्रीवास्तव भी बांदा में सहायक आबकारी आयुक्त हैं। 
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Sitapur Excise Inspector - फोटो : अमर उजाला
कार में उनके निढाल पड़े थे आलोक
परिजनों के मुताबिक आलोक छुट्टी लेकर घर आए थे। यहां उनके पुत्र अयान कुमार और एक पुत्री है। मंगलवार सुबह वह किसी काम से कार से निकले थे। कुछ देर बाद वैदेही वाटिका के पास बंद कार में उनके निढाल पड़े होने की सूचना मिली। पिता ईश्वर दयाल के मुताबिक, कार अंदर से लॉक थी। करीब ढाई बजे आलोक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या प्रतीत हो रही है। सुसाइड नोट को जांच के लिए भेजा गया है। एक महिला से पूछताछ की गई है।
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पीएम हाउस में मौजूद फॉरेंसिक टीम - फोटो : संवाद
परिचित महिला ने दिखाया सुसाइड नोट
आलोक को जब जिला अस्पताल लाया गया तो साथ में एक महिला भी थी। महिला के मुताबिक वह आलोक और उनकी पत्नी की दोस्त है। महिला के मुताबिक उसके दुपट्टे में ही सुसाइड नोट फंसा था, जो कि पुलिस ने जब्त किया है। दुपट्टे पर खून के निशान भी मिले, जो महिला ने खुद पुलिस को दिखाए।
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जिला अस्पताल में पीएम हाउस के बाहर लगी मौजूद आबकारी विभाग के लोग व मोहल्लावासी - फोटो : संवाद
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आलोक का सीतापुर-लखीमपुर मार्ग पर एक फार्म हाउस भी है। आलोक मंगलवार को वहीं गए थे। वहां से निकलने के बाद उनका शव कार के भीतर मिला। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि फार्म हाउस पर ऐसा क्या हुआ कि लौटने के बाद ही उन्होंने सुसाइड कर लिया। फिलहाल पुलिस अभी हालात पर नजर रखे है। आलोक की पत्नी से भी पूछताछ की जा सकती है।
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जिला अस्पताल में मौजूद मृतक के पुत्र - फोटो : संवाद
वहीं, सुसाइड नोट की जांच में भी यह स्पष्ट हो जाएगा कि नोट उन्होंने ही लिखा है या फिर किसी और ने। घटना को लेकर शिवपुरी मोहल्ले के लोग स्तब्ध हैं। उनका कहना है कि आलोक मिलनसार थे। वह अक्सर हंसते दिखते थे। वह आत्महत्या जैसा कदम उठाएंगे कभी सोचा नहीं था। पिता का रो रोकर बुरा हाल है। आलोक के दोनों बच्चों का भी रो रोकर बुरा हाल है।

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