उत्तर प्रदेश के शामली में पूर्वी यमुना पटरी पर हुए हादसे से चार परिवारों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। शव देखते ही परिवारों में कोहराम मच गया। वहीं गांव में मातम पसरा हुआ है और घरों में चूल्हे में भी जले।
गंगेरू निवासी मुर्सलीन बुधवार शाम पलठेड़ी गांव में निवासी अपनी बहन शीबा को लेने जा रहा था। जिद करने पर उसने अपने भांजे इब्राहिम को भी बाइक पर बैठा लिया। किसी को नहीं पता था कि दोनों अब कभी नहीं लौटेंगे। पलठेड़ी गांव में शीबा भी भाई और भतीजे की राह देखती रह गई। हादसे की जानकारी पाकर सीएचसी पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मुर्सलीन के भाई सोनू हाशमी ने बताया कि वे छह भाई थे। एक वर्ष पूर्व भाई अलीशान की दिल्ली में सड़क हादसे में मौत हो गई थी।