उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में पहली बार किसी को फांसी की सजा सुनाई गई है। दरअसल, प्रसिद्ध भजन गायक अजय पाठक हत्याकांड में अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट के फैसले से पीड़ित परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं, अदालत का फैसला आने के बाद पीड़ित परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे और उन्होंने कहा कि आखिर इंसाफ मिल गया। परिजनों ने बताया कि साढ़े चार साल में इंसाफ मिला है।
बता दें कि शामली में इससे पहले बुटराड़ा केस में मुजफ्फरनगर कोर्ट में सुनवाई चली थी। इस मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। वहीं भजन गायक अजय पाठक परिवार की हत्या के मामले में सुनवाई शामली में ही चल रही थी। ऐसे में जिले में फांसी की सजा सुनाए जाने का यह पहला मामला है।
ये था मामला
30 दिसंबर 2019 की रात शामली के थाना आदर्श मंडी की पंजाबी कॉलोनी में रहने वाले प्रसिद्ध भजन गायक अजय पाठक, उनकी पत्नी स्नेहा लता व दोनों बच्चों को हिमांशु सैनी ने तलवार और खंजर से हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। हिमांशु सैनी ने उस समय इस वारदात को अंजाम दिया था, जब पूरा परिवार घर में सोया हुआ था।