शाहजहांपुर और पीलीभीत जिलों में बृहस्पतिवार को ईद-उल-अजहा का त्योहार परंपरागत तरीके से मनाया जा रहा है। लाखों लोगों ने ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा की। इस दौरान देश और कौम की तरक्की, अमन-चैन और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। ईद की नमाज को लेकर दोनों जिलों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।
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नमाज अदा करते लोग ।
- फोटो : संवाद
शाहजहांपुर में ईदगाह बड़े खुत्बे, छोटे खुत्बे, जामा मस्जिद और ईदगाह गदियाना सहित सभी मस्जिदों में नमाज अदा की गई। सुबह सात बजे से ही लोग पारंपरिक लिबास में ईदगाहों की ओर बढ़ने लगे। सवा सात बजे तक बड़ी ईदगाह का परिसर पूरी तरह भर गया था।
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गले मिलकर एक-दूसरे को दी ईद की मुबारकबाद।
- फोटो : संवाद
शाहजहांपुर में शहर इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने तकरीर में बच्चों को दीनी और दुनियावी तालीम देने पर जोर दिया। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद जानवरों की कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो गया। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधीक्षक नगर देवेंद्र कुमार और अपर जिलाधिकारी रजनीश मिश्रा भी मौके पर मौजूद रहे।
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पीलीभीत में नमाज अदा करते लोग।
- फोटो : संवाद
पीलीभीत में शांतिपूर्ण आयोजन
पीलीभीत जिले में ईद-उल-अजहा का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जिले की 58 ईदगाहों और 334 मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा की। शहर की मुख्य ईदगाह में सुबह साढ़े नौ बजे नमाज अदा की गई। इस दौरान मुल्क में अमन, शांति और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गईं।
पीलीभीत में ईदगाह में जुटे हजारों लोग
- फोटो : संवाद
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पीलीभीत में पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव समेत प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सात क्षेत्राधिकारी, 52 इंस्पेक्टर, 250 उपनिरीक्षक और करीब 950 कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई थी। सभी थाना प्रभारियों को लगातार गश्त और निगरानी के निर्देश दिए गए थे।