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Sambhal Violence Update: 2750 लोगों के खिलाफ केस दर्ज, 96 आरोपियों की गिरफ्तारी, 12 को मिल चुकी जेल से रिहाई

Fri, 29 Aug 2025 06:56 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संभल

सार

सभल में हिंसा के बाद 2750 से ज्यादा लोगों पर 12 मुकदमे दर्ज किए गए। इसके बाद 96 आरोपियों की गिरफ्तारियां की गई, जिनमें जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली भी शामिल हैं। अब तक 18 आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत और 12 की रिहाई हो चुकी है।
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संभल हिंसा। - फोटो : अमर उजाला

जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल के बाद 29 नवंबर को गठित किए गए न्यायिक जांच आयोग ने 271 दिन बाद सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जांच के दौरान आयोग ने लगभग 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए। सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में बवाल की साजिश रचने से लेकर बवाल के दौरान सक्रियता और कमजोरी का भी उल्लेख किया गया है। उधर, हिंसा भड़काने के आरोप में  2750 से अधिक लोगों के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे।

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संभल में हिंसा - फोटो : संवाद
पुलिस ने 96 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट भी शामिल हैं। इन गिरफ्तार आरोपियों में 18 की जमानत हो चुकी है। 12 की रिहाई भी हो गई है। इसमें सभी को जमानत हाईकोर्ट से मिली है। यह बवाल जामा मस्जिद के अलावा हिंदूपुरा खेड़ा और नखासा तिराहे पर हुआ था। जामा मस्जिद के नजदीक पांच लोगों की जान गई थी। इनमें चार लोगों की हत्या में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें शारिक साटा गिरोह की भूमिका सामने आई थी।
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संभल में हिंसा - फोटो : संवाद
बवाल में आरोपी सांसद केस की सुनवाई नौ को हाईकोर्ट में 
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर बवाल की साजिश रचने और भीड़ एकत्र करने का आरोप है। एसआईटी ने पूछताछ भी की है। सांसद हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे। जांच में सहयोग करने के लिए हाईकोर्ट ने निर्देश दिए थे। अब सांसद व जामा मस्जिद कमेटी के सदर समेत 23 के खिलाफ एसआईटी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। सांसद के मामले में नौ सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।

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संभल में हिंसा के बाद हालात - फोटो : संवाद

रिपोर्ट में बवाल से लेकर पलायन तक का जिक्र
जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल के बाद 29 नवंबर को गठित किए गए न्यायिक जांच आयोग ने 271 दिन बाद सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जांच के दौरान आयोग ने लगभग 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए। सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में बवाल की साजिश रचने से लेकर बवाल के दौरान सक्रियता और कमजोरी का भी उल्लेख किया गया है। आजादी के बाद जो दंगे और बवाल हुए उनका भी उल्लेख है।

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संभल हिंसा की जांच - फोटो : संवाद
सांसद और जामा मस्जिद कमेटी के सदर बवाल की साजिश के आरोप में पहले से घिरे हैं। सूत्रों का कहना है कि न्यायिक जांच आयोग ने इसका भी उल्लेख अपनी रिपोर्ट में किया है। 24 नवंबर को हुए बवाल के बाद 29 नवंबर को शासन की ओर से हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज देवेंद्र अरोड़ा की अध्यक्षता में इसका गठन किया गया था। इसमें सेवानिवृत्त आईपीएस एके जैन और आईएएस अमित प्रसाद सदस्य के रूप में शामिल किए गए।
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संभल में हिंसा - फोटो : संवाद
आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों द्वारा पहला दौरा संभल का पहली दिसंबर को किया गया था। पहले दौरे के दौरान उन इलाके का भ्रमण किया था जहां बवाल हुआ था। इसके बाद तीन अन्य दौरे करने के लिए भी आयोग के सदस्य पहुंचे। उन्होंने 100 से ज्यादा लोगाें के बयान दर्ज किए थे।
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संभल हिंसा - फोटो : संवाद
इसमें सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के साथ आम लोग भी शामिल थे। आयोग के सामने संभल में हुए अलग-अलग समय के दंगे की भी जांच की मांग उठी थी। जिसके बाद पुलिस-प्रशासन के द्वारा छानबीन भी शुरू की गई थी।

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संभल हिंसा - फोटो : संवाद
न्यायिक जांच आयोग के दौरे कब हुए और क्या हुआ
पहला दौरा-
1 दिसंबर 2024 बवाल के इलाके का निरीक्षण और शाही जामा मस्जिद का निरीक्षण किया।
दूसरा दौरा- 21 जनवरी 2025 आयोग द्वारा 51 लोगों के बयान दर्ज किए गए
तीसरा दौरा- 30 जनवरी 2025 सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के बयान दर्ज किए
चौथा दौरा- 28 फरवरी 2025 45 लोगों के बयान दर्ज किए। इसमें डीएम और एसडीएम भी शामिल रहे।

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संभल हिंसा - फोटो : अमर उजाला

मुझे इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी है। न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक होगी तो सही जानकारी सामने आएगी। अभी आयोग द्वारा दी गई रिपोर्ट पर कुछ नहीं कहना है। - इकबाल महमूद, विधायक, संभल

रिपोर्ट में क्या क्या लिखा है, इसकी तो हमें जानकारी नहीं है, लेकिन हमें पूरी उम्मीद है कि न्यायिक जांच आयोग द्वारा न्याय हित में रिपोर्ट सौंपी गई होगी। रिपोर्ट को लेकर सही जानकारी जल्द सामने आएगी। -जफर अली एडवोकेट, सदर, जामा मस्जिद कमेटी, संभल

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संभल हिंसा - फोटो : अमर उजाला

संभल में आजादी के बाद से लगातार अत्याचार हुए हैं। न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक होगी तो स्थिति और स्पष्ट होगी। शासन और कोर्ट की ओर से निश्चित ही कार्रवाई होगी। -गुलाब देवी, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री

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