जामा मस्जिद पहुंची एएसआई की टीम (फाइल)
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सदर बोले, 1927 के अनुबंध का किया जा रहा है उल्लंघन
जामा मस्जिद 1920 से एएसआई के संरक्षण में है। जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट का कहना है कि 1927 में मुरादाबाद के कलक्टर के माध्यम का एक अनुबंध एएसआई के साथ हुआ था। जिसमें स्पष्ट लिखा है कि पुताई, सफाई व अन्य काम मुतवल्ली द्वारा समय-समय पर कराए जा सकते हैं। उसका खर्च भी एएसआई के द्वारा ही दिया जाना है। उस अनुबंध का उल्लंघन किया जा रहा है। जहां पुताई की जरूरत है वह हिस्सा भी रिपोर्ट में पेश किया जाना चाहिए। कहा कि मंगलवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। उसमें मस्जिद कमेटी मजबूती से अपना पक्ष रखेगी।