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दो-चार दिन की दुल्हनों की अपराध गाथा: नूरजहां बनी काजल, आयशा बनी पूजा, लाल जोड़े में आती थीं घर; पढ़ें खुलासा

Thu, 29 Jan 2026 09:42 AM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, चंदौसी (संभल)

सार

पुलिस ने अब तक तीन महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सरगनाओं की तलाश के लिए फोन कॉल की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। विस्तार से पढ़ें पूरी खबर-
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
शादी के बहाने लूट का नया तरीका खोजने वाली पश्चिम बंगाल की रहने वाली युवतियां अब तक कई लोगों को शिकार बना चुकी हैं। दो महिलाओं समेत तीन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस खेल के मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुट गई है। फोन काल के आधार पर इस संगठित गिरोह की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक की जांच में पता चला है कि बंगाल समेत दूसरे राज्यों की मुस्लिम लड़कियां हिंदू बनकर फर्जी शादियां कर चुकी हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में फर्जी शादी करने के आरोपी - फोटो : संवाद
पश्चिम बंगाल की नूरजहां खातून ने काजल बनकर हिंदू युवक से शादी रचाई और वहीं की मुस्लिम लड़कियों को लाकर यहां बेचने का काम शुरू कर दिया। फुलप्रूफ प्लान के तहत युवतियों के नाम व धर्म बदलकर उन्हें शादी का जोड़ा पहनाकर बिदा किया जाता और दो-चार दिन बाद ही यह लुटेरी दुल्हनें दूल्हे के घर से सामान समेट उनका बैंड बजाकर निकल जातीं। 
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पुलिस की गिरफ्त में फर्जी शादी करने के आरोपी - फोटो : संवाद
अकेले संभल जिले में ही चार लुटेरी दुल्हनों को अलग-अलग घरों में मोटी रकम लेकर कथित रूप से ब्याह दिया गया, इनमें से तीन तो कीमती जेवर व अन्य सामान समेट कर निकल भागने में कामयाब रहीं, लेकिन चौथी आयशा उर्फ पूजा पुलिस के हत्थे चढ़ गई। इसके साथ ही बरेली और मुरादाबाद मंडल में लुटेरी दुल्हनों का गैंग चलाने वाली काजल और उसका पति राजीव जो कि बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के ग्राम विलहत का रहने वाला है दबोच लिए गए। पुलिस अब इस रैकेट को चलाने वाले अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। 

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पुलिस की गिरफ्त में फर्जी शादी करने के आरोपी - फोटो : संवाद
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को फंसाया जाता
अब तक की पुलिस जांच में स्पष्ट हो चुका है कि पश्चिमी बंगाल के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को साधन संपन्न परिवार में शादी कराने का झांसा देकर लेकर यहां लाया जाता, बदले में उनके परिवार को कुछ रुपये भी दिए जाते हैं। 
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पुलिस की गिरफ्त में फर्जी शादी करने के आरोपी - फोटो : संवाद
इन्हें यह भी समझा दिया जाता है कि अपना वास्तविक नाम और धर्म किसी को नहीं बताना है। यूपी में लाकर उनके आधार कार्ड बदलवाए जाते हैं और यहां उनकी पहचान हिंदू धर्म की लड़की के रूप में कराई जाती है। अभी तक की पुलिस जांच में यह तो स्पष्ट हो गया है कि यह मामला यहीं तक सीमित नहीं है। इसके पीछे बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।
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बरामद हुआ सामान - फोटो : संवाद
आधार कार्ड बनाने वाला कैफे संचालक पुलिस के रडार पर
लुटेरी दुल्हनों के आधार कार्ड बनाने वाले बदायूं के साइबर कैफे के संचालक की तलाश में लगी पुलिस दूसरे कैफे संचालकों से भी पूछताछ कर रही है। हालांकि अभी तक उसका सुराग नहीं लग सका है। 
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मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : संवाद
इसके साथ ही उन लुटेरी दुल्हनों की तलाश भी की जा रही है जो शादी के बाद घरों से जेवर व अन्य सामान लेकर फरार हो चुकी हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुज तोमर का कहना है कि बदायूं में जिस कैफे संचालक द्वारा युवतियों का नाम व धर्म बदलकर आधार कार्ड बनाए गए हैं उसकी तलाश की जा रही है। कुछ स्थानों पर दबिश भी दी गई है, लेकिन अभी तक वह गिरफ्त में नहीं आया है।
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