संभल मेंएटीएस यूनिट का अस्थायी कार्यालय शुरू हो गया है। उधर, 1990 के बाद से लापता हुए कई युवकों ने आतंकवाद की राह थाम ली थी। इससे संभल की छवि पर दाग लगा। इसके बाद खुफिया एजेंसियां लगातार नजर जिले में बनी हुई है।
संभल में 1990 के बाद से लापता हुए युवक आतंकवाद की राह पर कैसे गए किसी को नहीं पता। इस आतंकवाद की राह ने संभल पर एक दाग लगा दिया जो दशकों बाद भी बरकरार है। समय-समय पर होती आतंकी गतिविधियां इन दाग को फिर से सामने ले आती हैं। अलग-अलग आतंकी संगठनों का नाम संभल का जुड़ता रहा।
दो लोग आतंकी गतिविधियों में शामिल होने पर सजा भी काट चुके हैं। कई की तलाश देश की सभी बड़ी खुफिया एजेंसी कर रही हैं। एक आतंकी अमेरिका के हमले में मारा जा चुका और एक एक युवक आतंकवादी होने के आरोप में पाकिस्तान की जेल में बंद है।
इसके चलते खुफिया एजेंसियों की रडार पर संभल रहा है। दीपा सराय निवासी मोहम्मद उस्मान देश में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोपी है और 2023 से देश में भगोड़ा घोषित है। फिलहाल पाकिस्तान की जेल में बंद है तो खुफिया एजेंसियां सक्रिय हैं।
उसके संपर्क संभल में किन लोगों से हैं इसकी छानबीन भी चलने की चर्चा है। वर्ष 2005 में उसका नाम आतंकी गतिविधियों में सामने आया था। दिल्ली की स्पेशल सेल उसकी तलाश कर रही थी। अब स्पष्ट हुआ कि वह पाकिस्तान की जेल में बंद है और आतंकवाद से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है।
शरजिल व सईद अख्तर पर भी आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप
दीपा सराय निवासी शरजिल और सईद अख्तर 1998 में लापता हुए थे। इन दोनों को ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल तलाश कर रही है। स्पेशल सेल के अनुसार यह दोनों आतंकवादी हैं और इनके पोस्टर भी दिल्ली के थानों में लगे हैं। इनके बारे में कोई सुराग नहीं मिला और यह जिंदा हैं या मर गए। इसकी भी पुष्टि 27 वर्ष के अंदर नहीं हुई। पहली बार जानकारी 2005 में सामने आई थी। जब खुफिया एजेंसियां इन लोगों के परिजनों से पूछताछ करने के लिए पहुंची।
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संभल में हिंसा का दाग
- फोटो : अमर उजाला
अलकायदा का दक्षिण एशिया प्रमुख था मौलाना आसिम उमर
दीपा सराय निवासी मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू अलकायदा का दक्षिण एशिया प्रमुख था। वह 1998 में संभल से लापता हुआ था। वर्ष 2016 में अमेरिका ने आतंकियों की सूची जारी की थी। इसमें उसका नाम शामिल था। वर्ष 2019 में अमेरिका के हमले में मारा गया। सूत्रों का कहना है कि मौलाना आसिम उमर जिस समय लापता हुआ था। उसके अगले पांच वर्ष के अंदर कई युवक लापता हुए थे। उनमें किसी की गुमशुदगी तक दर्ज नहीं हुई।
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संभल में लग चुका है हिंसा का दाग
- फोटो : अमर उजाला
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में भी मिला था पाकिस्तानी कनेक्शन
24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल हो गया था। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। एसआईटी की छानबीन में सामने आया कि देश का बड़ा वाहन चोर शारिक साटा गिरोह के सदस्यों ने गोली चलाई थी। इन आरोपियों ने पाकिस्तानी कारतूस का इस्तेमाल किया था।
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संभल हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
तीन आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। शारिक साटा का नाम हवाला कारोबार, हथियार तस्करी से भी जुड़ा है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी संपर्क होने का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने नकली नोट के मामले में यह रिपोर्ट दर्ज की थी।
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संभल में हुआ बवाल
- फोटो : संवाद
2023 में कई युवक एटीएस ने गिरफ्तार किए
नवंबर 2023 में संभल के दो युवकों को एटीएस ने गिरफ्तार किया गया था। जो आईएसआईएस से जुड़े थे। इन युवकों पर आरोप था कि वे अन्य युवाओं को आतंकवाद की ओर मोड़ने का प्रयास कर रहे थे। यह दोनों जेल में बंद हैं। पांच अन्य युवक सिमी से जुड़े होने के मामले में गिरफ्तार किए गए। उनका मामला भी विचाराधीन है। इनमें सभी पढ़ाई करने वाले युवक शामिल हैं।
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संभल एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह काट चुके हैं आतंकी गतिविधियों में शामिल होने पर सजा
16 दिसंबर 2015 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दीपा सराय निवासी मोहम्मद आसिफ को अलकायदा नेटवर्क बनाने और भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 17 दिसंबर 2015 को जफर मसूद की गिरफ्तार की गई थी। इन दोनों को सात-सात साल से ज्यादा की सजा मिली। सजा पूरी होने के बाद 2023 में रिहाई हो चुकी है।
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संभल हिंसा की जांच
- फोटो : संवाद
इन आतंकी संगठनों से जुड़ता रहा संभल का नाम
अलकायदा, अलकायदा इन द इंडियन सब कान्टीनेंट, हरकत उल मुजाहिदीन, तहरीक-ए-तालिबान और सिमी से जुड़े होने को लेकर देश व प्रदेश की खुफिया एजेंसियां छानबीन करती रहीं। एटीएस और एनआईए ने गिरफ्तारियां भी की हैं। कई की तलाश अभी भी की जा रही है। अब एटीएस की फील्ड यूनिट स्थापित हो रही है।
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घरों में जांच के लिए पहुंची पुलिस की टीम
- फोटो : अमर उजाला
संभल में पीएसी बटालियन की भी है तैयारी
2019 में एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान बवाल हो गया था। मुरादाबाद के तत्कालीन आईजी रमित शर्मा ने शासन को पत्र भेजकर पीएसी बटालियन स्थापित करने की मांग की थी। उनकी मांग के आधार पर सीएम ने मुरादाबाद में स्थित पीएसी की 24वीं बटालियन को संभल स्थानांतरित करने की घोषणा की थी। इसी क्रम में संभल के नजदीक यह बटालियन स्थापित की जानी है। जमीन क्रय करने की प्रक्रिया चल रही है।
2019 में अमेरिका के हमले में संभल का आसिम उमर मारा गया था। वहीं, दीपासराय निवासी मोहम्मद उस्मान पाकिस्तान की जेल में बंद है और उस पर भी आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।