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किसान की माैत प्रकरण: जमीन के टुकड़े ने ली वेद प्रकाश की जान, खुद को किया था आग के हवाले, ये था विवाद

Thu, 13 Mar 2025 12:12 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

सहारनपुर जनपद के चिलकाना थानाक्षेत्र में जमीन के एक टुकड़े पर विवाद के चलते एक किसान ने अपनी जान ले ली। किसान ने अधिकारियों के सामने ही आत्मदाह का प्रयास किया था। दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दाैरान उसकी माैत हो गई।
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तनाव के बीच शव लाया गया - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर जनपद के चिलकाना थानाक्षेत्र में जमीन के एक टुकड़े ने किसान की जान ले ली।  सुलतानपुर गांव में भले ही किसान वेदप्रकाश और जैन समाज के बीच पौन बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा हो, लेकिन इस विवाद की असल जड़ मात्र 20 फीट का टुकड़ा है। इस टुकड़े की वजह से ही वेदप्रकाश को जान गंवानी पड़ गई।
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गांव पहुंचा वेद प्रकाश का शव - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, जैन समाज की करीब 10 बीघा जमीन है। जैन समाज का कहना है कि उनकी जमीन कम है, जिसे पूरी कराई जाए। उसके पास ही वेदप्रकाश की 24 बीघा जमीन है। वेदप्रकाश पक्ष का कहना है कि उनकी जमीन कम है। इसे लेकर दोनों पक्ष अदालत में पहुंचे हुए थे। टीम जब-जब पैमाइश के लिए पहुंची, तभी विवाद हुआ। इसकी वजह थी सड़क के बराबर में 20 फीट का टुकड़ा।

 
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शव आने से पहले पुलिस-प्रशासन की टीम गांव पहुंच गई। - फोटो : अमर उजाला
जैन समाज का कहना था कि सड़क से 20 फीट छोड़कर पैमाइश शुरू की जाए, जबकि वेदप्रकाश का कहना था कि जहां सड़क खत्म है वहीं से पैमाइश कराए जाए। इसी वजह से विवाद खड़ा हो रहा था। इस मामले में नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी मध्यस्थता कर रहे थे, जिस दिन घटनाक्रम हुआ उस दिन भी बैठक होनी थी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी वहां पहुंचकर कार्रवाई में जुट गए। उधर, किसान वेदप्रकाश की पत्नी ममता ने बताया कि जमीन पर काफी साल से विवाद चल रहा है। 2012 में अदालत में हमारे पक्ष में फैसला दिया था, जिसके दस्तावेज भी हैं।
 

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तनाव के बीच शव लाया गया - फोटो : अमर उजाला
तारीख दर तारीख
- 14 नवंबर 2022 को जैन समाज के पदाधिकारी राकेश जैन की तरफ से तहसीलदार को प्रार्थना पत्र देकर जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की।
- 21 नवंबर 2022 को पैमाइश क लिए जांच आख्या मांगी गई।
- अक्तूबर 2024 में जैन समाज के पक्ष में फैसला सुनाया
- दो जनवरी को राजस्व टीम के पहुंचने पर भी विरोध हो गया था।
- 31 जनवरी को राजस्व टीम दोबारा पैमाइश के लिए पहुंची। महिलाओं ने विरोध कर दिया था।
- तीन मार्च को टीम पहुंची, लेकिन विरोध के चलते पैमाइश नहीं हो सकी।
- आठ मार्च को एसडीएम टीम के साथ फोर्स को लेकर वहां पहुंचे। इस दौरान वेदप्रकाश ने आत्मदाह का प्रयास किया था। हालांकि तभी से परिवार साजिश के तहत जिंदा जलाने का आरोप लगा रहा है।
 
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सरदार वेदप्रकाश का शव आने का इंतजार करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
इन्होंने दी परिवार को सांत्वना
पूर्व सांसद फजलुर्रहमान, पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप, सपा नेता फरहाद गाडा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जयनाथ शर्मा, पूर्व चेयरमैन अकबर कुरैशी और भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष सन्नी गौतम भी पहुंचे।

उन्होंने परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजे और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव चौधरी विनय कुमार ने बताया कि सरदार वेद प्रकाश के साथ जो घटना हुई है, वह हृदय विदारक है। भारतीय किसान यूनियन पीड़ित परिवार के साथ है।
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