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नीला कुर्ता, भगवा दुपट्टा और माथे पर लाल तिलक, महापंचायत में प्रियंका गांधी का दिखा जुदा अंदाज, सियासी गलियारे में रही ये चर्चा

Wed, 10 Feb 2021 10:33 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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priyanka gandhi - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में आयोजित चिलकाना में किसान पंचायत में शामिल होने से पहले प्रियंका गांधी ने आदि शक्ति मां शाकंभरी देवी के दरबार में मत्था टेका और पूजा अर्चना की। इस दौरान प्रियंका गांधी का खास अंदाज देखने को मिला।

उन्होंने गहरे नीले रंग का कुर्ता पहना हुआ था वहीं गले में भगवा रंग का दुपट्टा डाला हुआ था। माथे पर लाल तिलक लगाए हुए प्रियंका गांधी महापंचायत के मंच पर भी नंगे पांव पहुंची। देखें तस्वीरें :-
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शाकंभरी देवी मंदिर पहुंचीं प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जब किसान पंचायत में मंच पर पहुंची तो नंगे पैर थीं। गहरे नीले रंग का सूट और सलवार पहनी हुई थी तो गले में भगवा चुनरी के साथ काले रंग का शॉल डाला हुआ था। माथे पर तिलक था।

भगवा चुनरी माता शाकंभरी देवी मंदिर दरबार में पूजा के बाद उन्होंने गले में पहनी थी। इसके अलावा महामंडलेश्वर भूपेंद्र गिरि और महामंडलेश्वर नवीनानंद महाराज ने भी उन्हें माता वैष्णो देवी मंदिर में पूजन के बाद लाई गई चुनरी पहनाई।
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खानकाह में जियारत करती प्रियंका गांधी - फोटो : amar ujala
प्रियंका गांधी देहरादून से दोपहर करीब 12 बजकर 50 मिनट पर सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी पहुंची। यहां उन्होंने पहले बाबा भूरादेव मंदिर में प्रसाद चढ़ाया और पूजा की। 1 बजकर 10 मिनट पर उनका काफिला मां शाकंभरी देवी मंदिर पहुंचा। यहां उन्होंने मां के चरणों में मत्था टेका और प्रसाद चढ़ाने के बाद मां भगवती के सामने ध्यान लगाकर बैठ गईं।

 

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प्रियंका गांधी ने शाकंभरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की - फोटो : अमर उजाला
हिंदू और मुस्लिमों की साधने की कोशिश
प्रियंका गांधी के शाकंभरी देवी और खानकाह रायेपुर जाने के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि प्रियंका ने हिंदू और मुस्लिम दोनों को साधने की कोशिश की।

गंगा और यमुना नदियों के दोआब में स्थित इन दोनों धार्मिक स्थलों से बड़ी तादाद में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों की आस्था जुड़ी है। श्री शाकंभरी देवी वेस्ट यूपी का विख्यात सिद्धपीठ है, वहीं खानकाह रायेपुर भी ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। जंग-ए-आजादी में खानकाह की अहम भूमिका रही है। यहीं से तहरीक-ए-रेशमी रुमाल चली थी।
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किसान महापंचायत में पहुंची भीड़ - फोटो : अमर उजाला
सियासी गलियारों में चर्चा रही कि हिंदू और मुस्लिम समुदायों के लोगों की भावनाओं से जुड़ने के लिए प्रियंका यहां पहुंचीं। मां शाकंभरी देवी मंदिर में 45 मिनट का लंबा समय पूजा में लगाया। खानकाह रायेपुर में जियारत की और दुआ कराई।

चिलकाना में किसान पंचायत की शुरुआत भी उन्होंने माता शाकंभरी देवी मंदिर से की। उन्होंने मंच से मां शाकंभरी की कथा भी सुनाई। इसके पीछे उनकी मंशा हिंदू और मुस्लिम को किसान आंदोलन में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस के साथ जोड़ने की रही।
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मंच से बोलती प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला
हमजा मसूद के बिगड़े बोल 
किसान पंचायत में नोमान मसूद के पुत्र हमजा मसूद ने मंच से कहा कि भाजपा ने हमेशा डराने और बांटने का काम किया है, लेकिन हम डरने और दबने वाले नहीं हैं। हमारे पूर्वजों ने आजादी के लिए अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी और उनके पूर्वज अंग्रेजों की गुलामी कर रहे थे।

हमजा मसूद ने यह भी कह दिया कि यह लड़ाई हिंदू-मुसलमान सबकी है। सहारनपुर की जनता ने लखनऊ में बैठे बाबा की लंका में आग लगाने का काम कर दिया है। 
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