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महिला की मौत: शाकंभरी हादसे के पीछे सामने आई ये बड़ी लापरवाही, संतों ने पुलिस अफसरों को सुनाई खरी-खोटी

Tue, 13 Sep 2022 09:49 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
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पानी में बह गई कार। - फोटो : amar ujala
सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में मंगलवार की सुबह बाढ़ आने पर हुए हादसे ने पुलिस-प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है। यदि बाबा भूरादेव मंदिर पर बनी बाढ़ सुरक्षा चौकी पर कर्मचारी ड्यूटी पर होते तो श्रद्धालुओं को आगे जाने से रोका जा सकता था। इसी लापरवाही को लेकर शंकराचार्य आश्रम के संतों ने पुलिस अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई है। 

बाबा भूरादेव मंदिर पर बाढ़ सुरक्षा चौकी स्थापित की गई है। ताकि नदी पार कर माता के दर्शनों के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम खराब होने पर सुरक्षा की दृष्टि से रोका जा सके, लेकिन यह सुरक्षा चौकी मात्र कागजों में ही चल रही है। मंगलवार की सुबह भी इस चौकी पर पुलिस-प्रशासन का कोई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं था। यदि पुलिस-प्रशासन के कर्मचारी ड्यूटी पर होते तो श्रद्धालुओं को आगे जाने से रोका जा सकता था।
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मां की मौत के बाद रोती बेटियां - फोटो : अमर उजाला
दो दिन पहले भी नदी में अचानक आई बाढ़ में कई वाहन बह गए थे। इसके बाद भी पुलिस-प्रशासन सतर्क नहीं हुआ। मंगलवार की सुबह हादसे के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रणता ऐश्वर्या व तहसीलदार प्रकाश सिंह तो मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस देरी से पहुंची। आश्रम के शंकर बाबा ने आरोप लगाया कि पुलिस पूरे सिद्धपीठ क्षेत्र में कहीं भी अपनी ड्यूटी पर नहीं रहती। उन्होंने सीओ से सवाल किया कि रात बाढ़ सुरक्षा चौकी पर जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी थी, वह कहां थे। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की। 
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मां की मौत के बाद रोती बेटियां। - फोटो : amar ujala
परिवार में मचा कोहराम, करना था दुकान का मुहूर्त 
शुगर मिल कॉलोनी निवासी सीमा पत्नी हेमंत अपनी पुत्री रिया के साथ बुटीक चलाती थीं। हाल ही में उन्होंने दुकान को शोरूम के रूप में विकसित किया, जिसका बुधवार को मुहूर्त होना था। इससे पूर्व सीमा अपनी पुत्री तानिया, रिया, मेघा व ड्राइवर रवि के साथ मां शाकंभरी देवी के दर्शन को गई थीं। 

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तीनों बेटियों को किसी तरह बचाया। - फोटो : amar ujala
हादसे के बाद शंकराचार्य आश्रम के संत तानिया और मेघा को लेकर भूरादेव पहुंचे, तब, मेघा और तानिया को पता चला कि उनकी मां की मौत हो चुकी है। इसके बाद दोनों का रो-रोककर बुराहाल हो गया, जबकि रिया को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इनके पिता हेमंत शुगर मिल में नौकरी करते हैं। 
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बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल। - फोटो : amar ujala
विधायक ने दी सांत्वना, नहीं है तीनों बहनों कोई भाई 
नगर विधायक राजीव गुंबर ने शुगर मिल कॉलोनी पहुंचकर मृतका के परिवार को सांत्वना दी। इसके साथ ही शासन से मुआवजा दिलाने और लापरवाही बरतने पुलिस-प्रशासन के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इससे पूर्व विधायक ने अस्पताल पहुंचकर भी घटना जानकारी ली। वहीं, सीमा पत्नी हेमंत की तीन बेटियां मेघा, तानिया और रिया हैं। इन तीनों बहनों का कोई भाई नहीं है। सीमा की मौत से तीनों बेटियों का रो-रोककर बुरा हाल है। 
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एक बेटी की हालत खराब। - फोटो : amar ujala
रिया ने बताया कि पानी का बहाव बहुत तेज था। ड्राइवर रवि ने उन्हें बचाने का प्रयास भी किया और हाथ पकड़ लिया, लेकिन पानी का तेज बहाव होने की वजह वह और उसकी मां सीमा दूर तक बहती हुई चली गई। 
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तीनों बेटियों को किसी तरह बचाया। - फोटो : amar ujala
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं 
एक महीने में शाकंभरी देवी परिसर स्थित बरसाती नदी में तीन बार बाढ़ आई। इस दौरान कई श्रद्धालु तेज बहाव में बह गए थे। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ था, जबकि दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। एक माह पूर्व कृष्ण कृपा शक्ति धाम के पीठाधीश्वर स्वामी सुदर्शन महाराज चक्र की गाड़ी भी बाढ़ में बह गई थी। इसी तरह 29 अगस्त को श्रद्धालुओं के 12 वाहन बह गए थे। 
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घटना की जानकारी लेती पुलिस। - फोटो : amar ujala
मृतक के परिवार को शासन से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। इसके अलावा मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - प्रकाश सिंह, तहसीलदार बेहट
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