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प्रतापगढ़ः क्रिकेट की पिच पर छात्र को अगवा करने की रची गई थी साजिश

Tue, 25 Feb 2020 12:31 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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छात्रा का कहना है कि जानबूझ कर उसका अपहरण करवाया गया।
सेवानिवृत रेलकर्मी के बेटे को अगवा करने की साजिश क्रिकेट की पिच पर रची गई थी। क्रिकेट खेलने के दौरान गेंद दिलाने के बहाने से आरोपी उसे बाइक पर बैठाकर भागे थे। घटना का मास्टरमाइंड शिवपूजन अभी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। 16 घंटे के भीतर पुलिस ने मुठभेड़ में दो बदमाशों को दबोचने के साथ ही अपहृत छात्र को सकुशल बरामद कर लिया। 

नगर कोतवाली के सिपाहमहेरी निवासी सेवानिवृत्त रामसुंदर पाल के तीन बेटियां व दो बेटे हैं। दूसरी पत्नी का बेटा नीतेश अक्सर दूसरे बच्चों के साथ पड़ोसी गांव राजापुर खरहर के जोलहापुर व सिपाहमहेरी की सीमा पर स्थित मैदान पर क्रिकेट खेलने जाता था। पूछताछ में पकड़े गए कल्लू ने बताया कि करीब एक माह से नीतेश के अपहरण की तैयारी मैदान में बनाई जा रही थी।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
मास्टरमाइंड शिवपूजन ने ट्रक के खलासी अनिरुद्ध के साथ मिलकर नीतेश को अगवाकर उसके पिता से रुपये ऐंठने की योजना तैयार की थी। वहीं शिवपूजन डीजे पर काम करता है। घटना को अंजाम देने के लिए रीतिक को भी तैयार कर लिया गया। रविवार को मौका मिलते ही करीब 12 बजे नीतेश को गेंद दिलाने का बहाना बनाकर आरोपी बाइक पर बैठाकर चल दिए। अनिरुद्ध ने चोरी के मोबाइल से रामसुंदर को फोन कर 10 लाख रुपये फिरौती देने को कहा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
इस बीच उसे शिवपूजन अपनी रिश्तेदारी पट्टी के महदहा गांव ले गया। वहां सूनसान स्थान पर स्थित पंपिगसेट पर एक कमरे में नीतेश को बंद कर दिया था। बाद में उसे लेकर गजेहड़ा जंगल पहुंचे। छात्र को लेकर अनिरुद्ध व कल्लू अंतू की ओर जा रहे थे। पुलिस से बचने के लिए शिवपूजन ने रीतिक के साथ अपना रास्ता बदल दिया था। हालांकि पुलिस घेराबंदी कर रातभर दबिश देती रही। जिसके चलते आरोपियों को जिले की सीमा से बाहर भागने का मौका नहीं मिल सका। छात्र को अगवा करने के 16 घंटे बाद पुलिस ने सोमवार भोर में करीब साढ़े चार बजे अपहर्ताओं से मुठभेड़ के बाद छात्र को सकुशल बरामद कर लिया। 
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छात्र की हत्या करने की कर रखी थी तैयारी 


अपहृत छात्र नीतेश पिता से रंगदारी मांगने वाले सभी आरोपियों को पहचानता था। पुलिस की पूछताछ में भी यह बात सामने आई कि आरोपियों ने नीतेश की हत्या करने की प्लानिंग बना रखी थी। ऐसे में पुलिस ने चतुराई दिखाई। गांव में पुलिस व परिवार के लोगों पर नजर रखने वाले बदमाशों को कार्रवाई की भनक नहीं लगने दी। पुलिस गुपचुप तरीके से दबिश देने के साथ ही जो भी मिला उसका मोबाइल अपने कब्जे में लेती रही। ऐसे में आरोपियों को एक दूसरे से बात करने का मौका नहीं मिल सका। 

मां के गले लग फफक पड़ा नीतेश, नहीं निकल रही थी आवाज

नगर कोतवाली के सिपाहमहेरी निवासी रामसुंदर का छोटा बेटा नीतेश  घर में सभी का दुलारा था। रविवार को उसके अगवा होने की खबर मिलने के बाद घर में कोहराम मचा था। अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद होने के बाद पुलिस लाइन में मां को देखते ही वह उसके गले से लगकर रोने लगा। मां उसे चुप कराते हुए आरोपियों का नाम पूछने लगी। हालांकि वह सहमा रहा। जिसके चलते उसके मुंह से केवल कल्लू का नाम ही निकला। हालांकि आरोपियों ने उसे मारापीटा नहीं था। उसे दोपहर व शाम को खाना भी खिलाया था। जिस पंपिगसेट में उसे रखा था, बाहर से उसमें ताला भी बंद कर दिया था। अनिरुद्ध भी नीतेश की रखवाली के लिए उसके साथ रुका हुआ था। 

पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने घेरा, भाग निकला मास्टरमाइंड 

छात्र नीतेश को अगवा करने के मास्टरमाइंड शिवपूजन को दबोचने के लिए पुलिस लगातार दबिश देती रही। राजापुर खरहर गांव में एक जगह आयोजित कार्यक्रम में शिवपूजन का साउंड सिस्टम लगा था। पुलिस को देखते ही शिवपूजन भागकर घर में छिप गया। उसके पीछे पुलिसकर्मी दौड़े। यह देख ग्रामीणों ने स्वॉट टीम को घेर लिया। जब तक पुलिसकर्मी ग्रामीणों को परिचय बताते तब तक मास्टरमाइंड शिवपूजन भाग निकला। रीतिक को पकड़ने के दौरान स्वॉट टीम प्रभारी रात के अंधेरे में दीवार से कूदे तो नाले में गिर पड़े। जिससे उनका मोबाइल खराब हो गया। चोटें भी आईं।
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