होली के त्योहार पर आटाचक्की बंदकर घर जा रहे संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गांव के प्राइमरी स्कूल के करीब उसका रक्तरंजित शव मिला। घटना की जानकारी होने पर परिवार के साथ ही गांव के लोग भड़क उठे।
आक्रोशित लोगों ने शव हाईवे पर इंदिरा चौराहे के पास रखकर जाम लगा दिया। लोग डीएम-एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे। दो घंटे बाद एएसपी पश्चिमी ने लोगों को मांगें पूरी होने का भरोसा देकर शांत कराया। तब जाकर ग्रामीण शव अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
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लालगंज में आटा चक्की संचालक का शव सड़क पर रखकर बैठे बिलखते परिजन।
- फोटो : pratapgarh
लालगंज कोतवाली क्षेत्र के खानापट्टी निवासी नंदलाल मौर्य (51) ने घर से कुछ दूरी पर गेहूं पीसने का कारखाना लगा रखा था। मंगलवार को होली की देर शाम वह आटा चक्की बंदकर घर के लिए बाइक से निकला। रास्ते में प्राइमरी स्कूल के करीब उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
काफी देर बाद भी जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने खोजबीन शुरू कर दी। इस दौरान प्राइमरी स्कूल के करीब उसकी बाइक गिरी मिली। बगल में ही वह खून से लथपथ पड़ा था।
लोगों ने समझा किया कि किसी वाहन ने टक्कर मार दी है। आनन-फानन में उसे लेकर परिजन सीएचसी पहुंचे। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रात में ही पुलिस ने भाई की तहरीर पर दुर्घटना का मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद पता चला कि नंदलाल को गोली मारी गई है।
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लालगंज में आटा चक्की संचालक का शव सड़क पर रखकर जाम लगाये परिजनों को समझाते एएसपी पश्चिमी।
- फोटो : pratapgarh
यह सुनते ही परिजन व गांव के लोग आक्रोश जताने लगे। पहले परिजन शव लेकर घर पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों ने शस्त्र लाइसेंस, सुरक्षा, आर्थिक मदद व नौकरी के साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी की मंाग को लेकर लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर इंदिरा चौराहे के करीब जाम लगा दिया। बवाल की आशंका में कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
कुछ देर बाद एएसपी पश्चिमी दिनेशचंद्र द्विवेदी भी आ गए। लोग डीएम-एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे। परिवार के लोगों से बातचीत करने के बाद भरोसा दिलाया कि किसान बीमा, शस्त्र लाइसेंस के साथ ही घटना का जल्द खुलासा होगा। बेटों को नौकरी दिलाने के लिए वह जिला प्रशासन को पत्र भेजेंगे।
एएसपी के आश्वासन के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर रवाना हो गए। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। एएसपी दिनेश द्विवेद्वी ने बताया कि मृतक के भाई की ओर से जो तहरीर दी गई है, दर्ज मुकदमे में उसे शामिल कर घटना को अंजाम देने वालों की तलाश शुरू कर दी गई है।
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लालगंज में आटा चक्की संचालक की हत्या के विरोध में बंद दुकानें।
- फोटो : pratapgarh
सिर में फंसी थी बुलेट
बाइक से घर जा रहे नंदलाल को हत्यारों ने केवल एक गोली मारी थी। पुलिस के अनुसार पहले नंदलाल को रोका गया। इसके बाद करीब से उसके सिर के दाहिने हिस्से में गोली मार दी गई। गोली उसके सिर में बाईं ओर जाकर फंस गई। ऐसे में परिवार या पुलिस को उसे गोली मारने की शंका न हो सकी। सिर में निशान तो दिखा, लेकिन लोग उसे चोट समझते रहे।
तीन बेटों व एक बेटी के सिर से उठ गया पिता का साया
लालगंज कोतवाली के खानापट्टी निवासी नंदलाल मौर्य के तीन बेटे व एक बेटी है। उसकी मौत से चार बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया। नंदलाल ने बेटी रेखा की शादी कर दी है। बेटा राहुल, रोहित व मोहित और पत्नी निर्मला का रो-रोकर बुरा हाल था।
पुलिस के विरोध में नारेबाजी, पैदल ही शव लेकर निकले लोग
नंदलाल का शव घर पहुंचते ही लोगों का गुस्सा उबलने लगा। हर कोई हत्या से आक्रोशित था। नंदलाल का शव घर से लेकर पैदल ही लोग लालगंज की ओर चल पड़े। पीछे गांव के युवक, बुजुर्ग व महिलाएं भी चल पड़ीं। बड़ी संख्या में लोगों के जाम लगाने के बाद जेठवारा, उदयपुर, सांगीपुर की पुलिस भी मौके पर आ गई। रास्ते में पुलिस शव रोकने का प्रयास करती रही, लेकिन लोगों के आक्रोश के आगे उसकी सारी कवायद बेकार गई। लोग पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे।
चुनावी रंजिश में जताई जा रही हत्या की आशंका
नंदलाल मौर्य की हत्या चुनावी रंजिश को लेकर करने की आशंका जताई जा रही है। नगर पंचायत बनने से पहले ग्राम सभा खानापट्टी का प्रधान मृतक का भाई पारसनाथ मौर्य रह चुका है। उसकी गांव के कुछ लोगों से चुनावी रंजिश भी चली आ रही थी। फिलहाल हत्या का कारण खबर लिखे जाने तक साफ नहीं हो सका था। पुलिस मोबाइल की काल डिटेल की मदद से घटना की खोजबीन करने में जुटी रही।