एक घंटे बाद सही सलामत निकले नौशाद अहमद
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एक्सीलेटर में फंसे थे पैर, सीट पर लेटकर बचाई जान
जाको राखे साइयां मार सके न कोई, इस कहावत को लोगों ने हाफिजगंज में शुक्रवार को अपनी आंखों के सामने सच होते देखा। कार में दबे दीवान नौशाद हुसैन ने भी घंटे भर में कई बार अल्लाह को याद किया, हालांकि घबराने की बजाय उन्होंने जीवित रहने का हर जतन किया और उसमें कामयाब रहे।