लखविंदर सिंह और परिवार वाले
- फोटो : अमर उजाला
गुरदेव सिंह के पुत्र लखविंदर सिंह सेना में हवलदार थे। वह बीते दिनों 50 दिन की छुट्टी पर घर आए थे। बेटी के जन्म के बाद करीब डेढ़ माह पूर्व 20 अप्रैल को ड्यूटी पर वापस गए थे। सोमवार शाम उनके बलिदान होने की सूचना मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। बुजुर्ग माता-पिता, भाई, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बुधवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की उम्मीद है।