पीलीभीत में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार के बाद सोमवार को भी बारिश हुई। इसके कारण स्कूल-कॉलेज बंद रहे। 24 घंटे और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसको देखते हुए आठवीं तक के सभी स्कूलों में तीन सितंबर तक अवकाश घोषित कर दिया गया है।
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जलभराव से होकर निकलते बच्चे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत जिले में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने तराई क्षेत्र का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पानी ही पानी नजर आ रहा है। सोमवार को भी बारिश का क्रम जारी रहा। मौसम विभाग ने 24 घंटे और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके मद्देनजर डीएम ने स्कूलों में अवकाश बढ़ा दिया है। अब तीन सितंबर को भी आठवीं तक के स्कूल बंद रहेंगे। इससे पहले दो सितंबर तक 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया था।
बारिश के कारण नेपाल सीमा से सटे गांवों में शारदा, जगबूड़ा सहित सहायक नदियां उफान पर हैं। नदियों का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों और आबादी वाले इलाकों में घुस गया है, जिससे सब्जी और धान की फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। देवहा नदी में भी तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है।
गांव में घुसा बाढ़ का पानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर क्षेत्र के बंदरभोज, बूदीभूड, नौजल्हा नंबर एक व दो, महाराजपुर, भूड़ागोरख समेत आधा दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। धान की फसल में बाली निकलने के समय पानी भर जाने और नाजुक सब्जी फसलों के डूबने से किसान निराश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। कई घरों और सड़कों तक पानी घुसने से हालात और बिगड़ गए हैं।
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खेतों में भरा बाढ़ का पानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नाव का संचालन दो दिन से बंद
रामनगर क्षेत्र में शारदा नदी पर दो दिन से नावों का संचालन बंद है। शारदा पार के लोग नदी के उसी ओर फंसे हुए हैं और अपने मवेशियों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने को मजबूर हैं। इधर, गोरख डिब्बी इलाके में शारदा नदी के दाहिने किनारे पर बनी ठोकर संख्या 26 पर खतरा मंडरा रहा है।
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सड़क पर बह रहा बाढ़ का पानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नदी का पानी लूप बनाकर तेजी से घूम रहा है, जिससे कटान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग ने ठोकर की मजबूती पर ध्यान नहीं दिया, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। हालांकि अभियंता इसे नियंत्रण में बता रहे हैं।
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पानी के बहाव से कटी सड़क
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रमुख मार्गों पर बह रहा पानी, जोखिम भरा सफर
जिले के प्रमुख मार्गों पर पानी बहने से सफर में भी जोखिम बढ़ गया है। घुंघचाई दियूरिया कला मार्ग पर जंगल के अंदर बारिश का पानी तेज धार में सड़क पर बह रहा है। पानी के बहाव की वजह से आवागमन थम गया है। लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश ने लोगों की काफी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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औद्योगिक एरिया भरा पचपेड़ा जाने वाले मार्ग पर बहता पानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गजरौला से माल रिछोला मार्ग पर सड़क के ऊपर पानीका बहाव भी तेज है। इस वजह से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सफर में जोखिम बढ़ गया है। यह मार्ग गजरौला से माधौटांडा सड़क से जाकर मिलता है।
सड़क पर बह रहा बारिश का पानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मझोला क्षेत्र में औद्योगिक एरिया भरा पचपेड़ा जाने वाले मझोला –बिरहनी मार्ग पर देवहा और कुलारा फॉर्म के पास पानी तेज गति से सड़क पर बह रहा है। बरखेड़ा क्षेत्र में दौलतपुर और अन्य गांवों को जोड़ने वाले मार्गों पर भी पानी का बहाव चल रहा है। कई गांवों के संपर्क मार्ग पर भी जलभराव से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।