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सियासत : रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह को राज्यसभा भेजे जाने की तैयारी, जून-जुलाई में होने वाले चुनाव में सपा-रालोद गठबंधन से मिलेगी नई जिम्मेदारी

Mon, 21 Mar 2022 10:40 AM IST
Dimple Sirohi मदन बालियान, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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अखिलेश यादव और जयंत चौधरी - फोटो : अमर उजाला
विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सपा-रालोद गठबंधन भविष्य की राजनीति का ताना-बाना बुन रहा है। यूपी में जून और जुलाई माह में होने वाले राज्यसभा चुनाव में जयंत सिंह को राज्यसभा भेजे जाने की अटकलें शुरू हो गई हैं। रालोद के हिस्से में आठ विधानसभा सीटें हैं, बाकी वोट सपा के खाते से पूरी की जाएंगी।

प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने 111, रालोद ने आठ और सुहैल देव भारतीय समाजवादी पार्टी ने छह सीटें जीती हैं। गठबंधन की कुल 125 सीटों के जरिए सबसे बड़ा विपक्षी दी है। प्रदेश में राज्यसभा की 31 सीटें हैं, जिनमें जून माह में कुछ सीटें खाली होने जा रही है। ऐसे में जून-जुलाई में राज्यसभा के चुनाव होंगे, जिनके जरिए गठबंधन के बड़े चेहरों को सदन का हिस्सा बनाया जाएगा।
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जयंत चौधरी। - फोटो : ANI
प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ने ने इनकार कर चुके रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह को इस बार राज्यसभा भेजे जाने की तैयारी है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि चुनाव के नतीजों के बाद सपा और रालोद नेताओं में बातचीत हुई है। इसके अलावा 21 मार्च को लखनऊ में भी बातचीत होगी।

 
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जयंत चौधरी और अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
खुद को साबित करने में रहे कामयाब
2017 के चुनाव में रालोद को सिर्फ छपरौली की सीट मिली थी, उसमें भी जीत का अंतर बहुत अधिक नहीं था। इस बार रालोद ने आठ सीटें जीती हैं। पश्चिमी यूपी में भाजपा को सबसे बड़ा सियासी नुकसान करने में रालोद कामयाब रहा है। गठबंधन में चौधरी जयंत सिंह ने खुद को मजबूत से पेश किया है। मुजफ्फरनगर दंगे के बाद पहली बार जाट वोट रालोद के हिस्से में इतनी बड़ी संख्या में खड़ा दिखाई दिया है।

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किरावली में जनसभा को संबोधित करते जयंत चौधरी - फोटो : अमर उजाला
2009 में पहली बार बने थे सांसद
रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह 2009 में मथुरा से सांसद रह चुके हैं। इसके बाद वह 2012 में मथुरा की मांट सीट से विधायक चुने गए थे, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। मांट से लगातार जीतने वाले विधायक श्याम सुंदर शर्मा को हराने में भी जयंत सिंह कामयाब रहे थे।
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अखिलेश यादव चौधरी जयंत। - फोटो : amar ujala
अध्यक्ष बनने के बाद पहला चुनाव
चौधरी अजित सिंह के निधन के बाद जयंत सिंह रालोद के अध्यक्ष बनाए गए थे। उनके नेतृत्व में रालोद ने पहला चुनाव लड़ा और आठ सीटें जीतने में कामयाबी हासिल कर ली है।
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