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Kisan Mela: चौकिए नहीं, उजली देती है 65 लीटर दूध, ढाई करोड़ के भैंसे, चिट्टी रेशमा ने किसानों को बनाया दीवाना

Thu, 06 Apr 2023 02:42 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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उजली गाय व नुकरी नस्ल की घोड़ी रेशमा - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर शहर के नुमाइश मैदान पर राष्ट्रीय पशु प्रदर्शनी और कृषि मेला शुरू हो गया। राष्ट्रीय पशु प्रदर्शनी में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पशुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला और प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह दोपहर में मेले का विधिवत उद्घाटन करेंगे। इस दौरान तुगलकपुर स्थित गाय अभयारण्य का शिलान्यास भी किया जाएगा।
 
किसान मेले में जहां एक और कृषि कंपनियों के स्टॉल पर किसानों का जमावड़ा लगा हुआ है वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय पशु प्रदर्शनी में पहुंचे विभिन्न राज्यों के पशु किसानों को अपना दीवाना बना रहे हैं। यहां ढाई करोड़ के भैंसे से लेकर 65 लीटर दूध देने वाली गाय तक मौजूद है। यही नहीं यहां 1 क्विंटल 10 किलो वजन का बकरा भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।आगे विस्तार से तस्वीरों के साथ देखें मेले की झलकियां।
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किसान मेले में किसानों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने सुबह करीब 10 बजे प्रदर्शनी में पहुंचकर पशुपालकों और किसानों से मुलाकात की। उन्होंने विभिन्न कंपनियों के स्टॉल का निरीक्षण किया।
उन्होंने बताया कि मेले के सर्वश्रेष्ठ पशु को पांच लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।  मेले में भेड़, बकरी, घोड़ा, मुर्राह नस्ल, गिर, हरियाणा नस्ल, साहीवाल, थारपारकर नस्ल के पशु मेले में पहुंच चुके हैं। मेले में करीब 50 लाख के इनाम बांटे जाएंगे।
 
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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर में  चल रहे किसान मेले में पानीपत से लाया गया मुर्राह नस्ल का भैंसा घोलू प्रदर्शनी में पहुंचते ही छा गया। दस करोड़ की कीमत के भैंसे के साथ सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। नुकरी घोड़ी रेशमा की सुंदरता सबके दिलों को भाई गई।

पानीपत के डिडवाड़ी गांव से पदमश्री नरेंद्र सिंह अपने पशुओं के साथ पहुंचे। उनके भैंसे घोलू-2 को देखने के लिए पशु प्रेमियों की भीड़ जमा रही। राष्ट्रीय स्तर पर कई बार के विजेता घोलू की कीमत 10 करोड़ तक लगाई जा चुकी है।

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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
पानीपत के डिडवाड़ी गांव से पदमश्री नरेंद्र सिंह अपने पशुओं के साथ पहुंचे। उनके भैंसे घोलू-2 को देखने के लिए पशु प्रेमियों की भीड़ जमा रही। राष्ट्रीय स्तर पर कई बार के विजेता घोलू की कीमत दस करोड़ तक लगाई जा चुकी है। करीब 16 क्विंटल वजन के भैंसे को रोजाना 10 किलो फीड दिया जाता है। आठ से 10 किमी की सैर कराई जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर घोलू धमाल मचा चुका है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पशु प्रेमी उसके खूब दीवाने हैं।
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नुकरी नस्ल का घोड़ा किंग - फोटो : अमर उजाला
नुकरी नस्ल की रेशमा, किंग और देवधन ने लुभाया मन
करनाल के गालिबखेड़ी से चरणजीत सिंह अपनी नुकरी नस्ल की घोड़ी रेशमा को लेकर मेले में पहुंचे हैं। रेशमा मेले में पहुंचते ही सबको भा गई। बेहद सुंदर घोड़ी अपने बीच देखकर युवाओं में फोटो खिंचवाने की होड़ देर रात तक लगी रही। 

इसी तरह पंजाब के लुधियाना से यहां पहुंचे सनी नुकरी नस्ल की घोड़ी और मारवाड़ी नस्ल के घोड़े के साथ पहुंचे हैं। वह बताते हैं कि उनके नुकरी नस्ल का घोड़ा पांच साल की उम्र में 16 बार चैंपियन बन चुका है। यह बेहद शांत स्वभाव का होता है, खास बात है कि इसके शरीर पर कोई भी काला धब्बा नहीं होता है और इसकी त्वचा सफेद और गुलाबी होती है। इसे सुबह 45 मिनट दौड़ाया जाता है फिर नदी में तैराकी कराई जाती है। मारवाड़ी नस्ल का घोड़ा देवधन भी दो साल की उम्र में कई प्रतियोगिताएं जीत चुका है।
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बकरा - फोटो : अमर उजाला
छह लाख कीमत का बकरा
शंकरलाल राजस्थान के हनुमान जिले के रामगढ़ गांव के रहने वाले हैं, वह अपने छह लाख रुपये के बकरे को लेकर पहुंचे हैं। वह बताते हैं कि सोजत नस्ल के विशाल 43 इंच ऊंचाई वाले सफेद रंग के और 1 क्विंटल 10 किलो वजन का और इसके कानों की लंबाई 17 इंच है और इसकी त्वचा का रंग गुलाबी और सफेद है, जो अन्य बकरों की नस्लों से इसे अलग बनाते हैं। 51 हजार रुपये का इनाम यह बकरा इनाम जीत चुका है। 
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गाय - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय पशु मेले में पहुंचे गोपाल रत्न से सम्मानित राजवीर सिंह बताते हैं कि वह करानाल के दादूपुर से यहां अपने गोवंश लेकर पहुंचे हैं। उनकी एक गाय जिसका नाम लक्ष्मी है, उसे तीन बार चैंपियनशिप का खिताब मिल चुका है। यह हरियाणा ब्रीड की गाय है। इसी तरह साहिवाल नस्ल की राधा गाय 16 साल की उम्र में दस बार चैंपियन रह चुकी है। 

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